सुविधा देने में बन जाता है शटल
आरा नगर निगम की अजीबोगरीब दास्तां है निगम की कार्यप्रणाली
आरा : नगर निगम की अजीबोगरीब दास्तां है. टैक्स लेने में बुलेट की चाल चलता है. वहीं सुविधा देने में शटल बन जाता है. निगम की कार्यप्रणाली बिल्कुल निराली है. नगर निगम बनने के बाद करों में बेतहाशा वृद्धि के बाद भी मोहल्लों में सुविधाएं नदारद हैं. कहने को तो लोग निगम क्षेत्र के दायरे में रहते हैं, पर सुविधाओं की बात करें तो गांव से भी कम मिलती हैं. कहीं सड़क नहीं है तो कहीं नालियां अभी निर्माण का इंतजार कर रही है. बिजली के तार झूल रहे हैं, जो खतरे को आमंत्रण दे रहे हैं, तो कहीं कूड़ा और गंदगी का अंबार है. वहीं नगर निगम बेखबर नीरो की तरह वंशी बजाने में मशगूल है.
नालियों के अभाव में सड़कों पर बहता है पानी : नगर के लगभग एक दर्जन मुहल्लों में नालियों के अभाव में सड़कों पर घर का गंदा पानी बहता रहता है. निगम द्वारा वर्षों बीत जाने के बाद भी नालियों का निर्माण नहीं कराया गया है. इस कारण लोग घर का पानी निकालने में काफी कठिनाई महसूस करते हैं. मुहल्ले में जिस जमीन पर किसी तरह का निर्माण नहीं हुआ है. उसमें किसी तरह पानी बहाते हैं पर स्थायी उपाय नहीं होने से काफी परेशानी हो रही है. निगम का टैक्स देने के बाद भी नाली का निर्माण नहीं होने पर लोगों में काफी आक्रोश है. इतने टैक्स देने के बाद भी नाली का निर्माण निगम द्वारा नहीं कराया जाना लोगों के समझ में नहीं आ रहा है. नगर निगम मुहल्लेवासियों को बुनियादी सुविधाओं से भी वंचित कर रहा है, जबकि मुहल्लों में काफी संख्या में आवास का निर्माण हो चुका है.
गंदगी का अंबार रहता है मुहल्लों में : मुहल्लों की सड़कों पर गंदगी का अंबार लगा रहता है. एक तरफ सड़कें कच्ची हैं तो दूसरी तरफ गंदगी से लोगों को काफी परेशानी हो रही है. सरकार की हर घर से कूड़ा उठाव की योजना फेल हो रही है. प्रतिदिन कूड़ा उठाने के लिए सफाईकर्मी नहीं जाते हैं. वहीं सड़कों की सफाई करने भी सफाई कर्मी नहीं जाते है. उससे कचरा पसरा रहता है.
बरसात में होती है स्थिति भयावह
बरसात के दिनों में इन मुहल्लों की स्थिति काफी भयावह हो जाती है. सड़कों पर पानी जम जाता है. लोगों को चलने में परेशानी होती है. पूरा मुहल्ला टापू की तरह बन जाता है. घर से मुख्य सड़क पर आने के लिए लोगों को कपड़ा ऊपर उठाकर आना पड़ता है. इससे लोगों को गांव की याद आ जाती है. कहने को केवल निगम क्षेत्र में रहते हैं.
गांव से भी बदतर स्थिति में हैं सड़कें
नगर के कई मुहल्ले ऐसे है जहां सड़के गांव से भी बदतर स्थिति में है. पक्कीकरण की बात तो दूर है. कच्ची सड़क की स्थिति भी काफी दयनीय है. उबड़- खाबड़ सड़कों पर लोगों को चलने में काफी कठिनाई हो रही है. वाहनों का चलना तो दुष्कर है. वहीं सड़कों पर नालियां बहती रहती हैं. इससे लोगों का कष्ट दोगुना बढ़ जाता है. खराब सड़कों के कारण कई बार दोपहिया वाहनों से दुर्घटना भी होती रहती है. वहीं पैदल यात्रियों को भी कई बार दुर्घटना का शिकार होना पड़ता है. इससे मुहल्लेवासियों में काफी आक्रोश का माहौल है, पर निगम इस पर कुछ नहीं कर रहा है.
