जेल में बंदी ने किया खुदकुशी का प्रयास, बवाल
आरा : आरा मंडल कारा शनिवार की सुबह रणक्षेत्र में तब्दील हो गया. शनिवार की सुबह आरा मंडल कारा में हत्या के मामले में बंद एक बंदी ने गर्दन में फंदा डालकर खुदकुशी करने का प्रयास किया. हालांकि बंदियों की तत्परता से उसे बचा लिया गया. उसकी हालत खराब हो गयी थी. तत्काल इसकी सूचना […]
आरा : आरा मंडल कारा शनिवार की सुबह रणक्षेत्र में तब्दील हो गया. शनिवार की सुबह आरा मंडल कारा में हत्या के मामले में बंद एक बंदी ने गर्दन में फंदा डालकर खुदकुशी करने का प्रयास किया. हालांकि बंदियों की तत्परता से उसे बचा लिया गया. उसकी हालत खराब हो गयी थी. तत्काल इसकी सूचना कारा प्रशासन को दी गयी. इलाज में देरी होने के कारण मंडल कारा में बंद बंदी भड़क उठे और जमकर पुलिस कर्मियों के साथ मारपीट की गयी. इस दौरान बंदियों द्वारा पत्थरबाजी भी की गयी,
जिसमें कई बंदी व पुलिसकर्मी जख्मी हो गये. घटना को लेकर अफरातफरी मची रही. बाद में पर्याप्त बल के पहुंचने के बाद मामला शांत हुआ. घटना की जानकारी मिलते ही सदर एसडीओ अरुण प्रकाश और एसडीपीओ संजय कुमार मौके पर पहुंच गये तब जाकर मामला शांत हुआ. बताया जा रहा है कि हत्या के मामले में जेल में बंद एक बंदी शिवस्वामी मिश्रा उर्फ छोटू मिश्रा मानसिक परेशानी के कारण आत्महत्या करने का प्रयास कर रहा था. तभी बंदियों की नजर उस पर पड़ गयी, जिसके बाद उसे बचा लिया गया.
कारा प्रशासन द्वारा इलाज में देरी होने के कारण बंदी उग्र हो गये और हंगामा करने लगे. हंगामे को देखकर कारा प्रशासन पर्याप्त पुलिस बल के साथ जैसे ही अंदर प्रवेश किये तो बंदी पत्थरबाजी और मारपीट शुरू कर दिये.
हत्या के मामले में बंद है बंदी
चंदवा हाउसिंग कॉलोनी में गत वर्ष एक युवक की हत्या के मामले में शिवस्वामी उर्फ छोटू मिश्रा जेल में बंद है. सूत्रों के अनुसार वह काफी दिनों से मानसिक तनाव में था. शनिवार की सुबह वह अपने गले में फंदा डालकर आत्महत्या करने का प्रयास किया, लेकिन वह अपने मनसूबे में सफल नहीं हो सका. बंदियों के प्रयास से उसे बचा लिया गया, लेकिन गले पर रस्सी का निशान होने के कारण उसकी तबीयत बिगड़ गयी, जिसको लेकर हंगामा किया गया.
पूर्व में भी भिड़ चुके हैं बंदी
वर्ष 2017 में जेल में बंद बबलू ततवा और बुटन चौधरी के बीच मामूली विवाद को लेकर झड़प हुई थी, जिसमें जमकर मारपीट हुई थी. इस दौरान बबलू ततवा जख्मी हो गया था. इसके बाद वर्ष 2018 में एक माह पहले जेल में माले समर्थक व दूसरे गुट के यादव समर्थकों के बीच जमकर मारपीट हुई थी,जिसमें विकास यादव नामक बंदी जख्मी हुआ था. इस दौरान कारा मंडल प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए उक्त बंदी को दूसरे जेल में स्थानांतरण कर दिया था.
जेल में बंद बंदियों के बीच आये दिन इस तरह की घटनाएं होती रहती है. हालांकि कारा प्रशासन द्वारा कुछ बंदियों को दूसरे जेल में स्थानांतरण किया गया है.