''भाई की शहादत का चाहिए बदला''

पीरो : देश के दुश्मनों से लोहा लेते हुए अपने भाई मो मोजाहिद के शहीद होने की खबर सुन बदहवास हो चुके बड़े भाई इम्तेयाज खान और मंझले भाई अकलाख खान दुबई से तत्काल रवाना हो गए थे. वे मंगलवार की सुबह पीरो स्थित अपने घर पहुंच गए है. घर पहुंचने के बाद से दोनों […]

पीरो : देश के दुश्मनों से लोहा लेते हुए अपने भाई मो मोजाहिद के शहीद होने की खबर सुन बदहवास हो चुके बड़े भाई इम्तेयाज खान और मंझले भाई अकलाख खान दुबई से तत्काल रवाना हो गए थे. वे मंगलवार की सुबह पीरो स्थित अपने घर पहुंच गए है. घर पहुंचने के बाद से दोनों भाइयों के आखों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं.

बड़े भाई इम्तेयाज ने कहा कि उन्हें अपने छोटे भाई की शहादत पर गर्व है, लेकिन शहादत कब तक यू ही बेकार जाती रहेगी. उन्होंने कहा कि केवल मेरे भाई की ही नहीं, बल्कि हर उस शहीद की शहादत का बदला चाहिए जो पकिस्तान की कायराना हरकतों के शिकार हुए है. उन्होंने सरकार से कड़ा फैसला लेने की मांग करते हुए कहा कि रोज-रोज होने वाली इन कायराना हरकतों से देश को छुटकारा चाहिए.

चाचा की शहादत के बावजूद भतीजी ने नम आखों से दी इंटर की परीक्षा: पीरो. शहीद मो मोजाहिद के बड़े भाई इम्तेयाज की बेटी रौशन जहां आज मंगलवार को अपने चाचा मो मोजाहिद के शहादत का गम लिए नम आखों के साथ इंटर साइंस की परीक्षा में शामिल हुई. मंगलवार को वो पीरो के पुष्पा हाईस्कूल स्थित परीक्षा केंद्र पर जब परीक्षा देने पहुंची तो उसकी आखे नम थी.
रौशन ने बताया कि उसके चाचा मोजाहिद उसे काफी प्यार करते थे और वो चाहते थे कि मैं पढ़ लिखकर ऊंचा मुकाम हासिल करूं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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