झड़प . कारा प्रशासन ने बजायी पगली घंटी
मारपीट के दौरान कई बंदी हुए जख्मी, मची अफरातफरी
एक की हालत गंभीर, पटना रेफर
विधि व्यवस्था को लेकर कारा प्रशासन हुआ सख्त
आरा : आरा मंडल कारा में शनिवार को दो गुट आमने-सामने हो गये. दोनों गुटों के बीच मामूली विवाद को लेकर जमकर मारपीट हुई, जिसमें कई बंदी जख्मी हो गये. सूचना मिलते ही कारा प्रशासन ने पगली घंटी बजाकर विधि व्यवस्था को दुरुस्त किया. इस दौरान कारा पुलिस को हल्की लाठियां भी भांजनी पड़ीं, तब जाकर मामला शांत हुआ. मारपीट के दौरान एक बंदी बुरी तरह जख्मी हो गया, जिसे इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया, जहां डाक्टरों बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया.
बताया जा रहा है कि बंदी राकेश यादव और माले समर्थक अशोक रवानी के बीच मामूली विवाद के लिए बाताबाती और कहासुनी हुई. देखते- ही- देखते मामला इतना बिगड़ गया कि जैसे- तैसे ईंट- पत्थर तथा लकड़ी की चैली लेकर दोनों गुट एक – दूसरे पर भिड़ गये. दोनों गुटों के बीच जमकर मारपीट हुई, जिसमें लगभग आधा दर्जन बंदी जख्मी हो गये.
इस मारपीट में अजीमाबाद थाना क्षेत्र के बंदी विकास यादव बुरी तरह जख्मी हो गया. घटना के बाद अफरातफरी मच गयी. कारा प्रशासन को पगली घंटी बजानी पड़ी. बाद में कारा प्रशासन के सख्त कार्रवाई के बाद मामला शांत हुआ. इस मामले में जेल अधीक्षक निरंजन पंडित ने दोनों गुटों के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए शुरुआत कर दी है. दोनों पक्षों की ओर से दो बंदियों को सेल में डाल दिया गया है और उनके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जा रही है.
चार दिन पहले माले समर्थकों ने जेल में किया था अनशन
16 सूत्री मांगों व बुनियादी सुविधाओं को लेकर माले समर्थकों द्वारा चार दिन पहले जेल में अनशन किया गया था. माले समर्थक जेल आईजी को बुलाने की मांग कर रहे थे. बाद में मंडल कारा के आश्वासन पर अनशन समाप्त हुआ था. अनशन को लेकर ही दोनों गुटों के बीच हल्की नोकझोंक हुई थी. शनिवार को प्रतिशोध में दोनों पक्ष आमने- सामने हो गये और जमकर मारपीट हुई.
क्या कहते हैं जेल अधीक्षक
किसी भी सूरत में विधि व्यवस्था भंग नहीं होने दिया जायेगा. मामूली सी बात को लेकर दोनों पक्षों द्वारा मारपीट की गयी है. दोनों पक्षों पर कार्रवाई की जा रही है.
निरंजन पंडित, जेल अधीक्षक
