रेलवे के इंजीनियरिंग व नॉन इंटरलॉकिंग गेट होंगे बिजली से रोशन
आरा : दानापुर डिवीजन के तहत आनेवाले सभी इंजीनियरिंग गेट व नॉन इंटरलॉकिंग अब बिजली के प्रकाश से रोशन होंगे. गेटों पर बिजली पहुंचाने का काम अब शुरू किया जा रहा है. गेट पर काम करनेवाले कर्मियों की सुविधा के लिए पेयजल व शौचालय की व्यवस्था की जायेगी, ताकि कर्मियों को परेशानी न हो. वर्तमान […]
आरा : दानापुर डिवीजन के तहत आनेवाले सभी इंजीनियरिंग गेट व नॉन इंटरलॉकिंग अब बिजली के प्रकाश से रोशन होंगे. गेटों पर बिजली पहुंचाने का काम अब शुरू किया जा रहा है. गेट पर काम करनेवाले कर्मियों की सुविधा के लिए पेयजल व शौचालय की व्यवस्था की जायेगी, ताकि कर्मियों को परेशानी न हो. वर्तमान में कई ऐसे गेट हैं, जहां पर बिजली, शौचालय व पानी की सुविधा नहीं है. ऐसे में रेलकर्मियों को शौच के लिए ट्रेन को रोकना पड़ता है.
गत 23 नवंबर को प्रभात खबर में ट्रेन रोककर शौच करने जाते हैं. रेलकर्मी शीर्षक से खबर छपी थी. इस खबर पर संज्ञान लेते हुए दानापुर डिवीजन के डीआरएम रंजन प्रकाश ठाकुर ने सभी स्टेशनों व गेटों पर सुविधा बढ़ाये जाने का निर्देश दिया है.
कम बिजली वाले क्षेत्रों में इन्वर्टर की भी मिलेगी सुविधा : गेट पर काम करनेवाले कर्मियों की सुविधा के लिए बिजली के साथ इन्वर्टर की भी सुविधा दी जायेगी. यह सुविधा ग्रामीण इलाके के तहत आनेवाले स्टेशनों पर दी जायेगी, ताकि बिजली कटने के बाद भी सुचारु तरीके से पावर मिलता रहे, जिससे कर्मियों को अासानी होगी.
बिहार सरकार को दिया जा रहा आवेदन : गेटों पर बिजली पहुंचाने के लिए दानापुर डिवीजन कार्यालय के अधिकारी बिहार सरकार के बिजली कंपनी के अधिकारियों के यहां आवेदन दे रहे हैं. स्थानीय स्तर के रेलवे अधिकारी डिवीजन को सूचना दे रहे हैं कि फलां जगह पर बिजली नहीं है. इसी आधार पर बिहार सरकार के माध्यम से बिजली की मांग की जा रही है.
सोलर सिस्टम का प्लान हुआ फेल : रेलवे दूर-दराज के गेटों पर बिजली की सुविधा देने के लिए गत दिनों सोलर लाइट लगा रही थी, लेकिन इस सेक्शन पर सोलर लाइट का प्रयोग सफल नहीं हो पाया. कुछ में खराबी आ गयी, तो कई चोरी हो गये. इस कारण सोलर लाइट लगाने की प्रक्रिया को फिलहाल बंद कर दिया गया है.
बिजली की व्यवस्था करने का दानापुर डिवीजन के डीआरएम ने दिया आदेश
गेट पर काम करनेवाले कर्मियों को अब पानी व शौचालय के लिए भटकना नहीं पड़ेगा
पांच इंटरलॉकिंग व दो इंजीनियरिंग गेट पर मिलेगी सुविधा
पटना-मुगलसराय रेलखंड के कुल्हड़िया-बनाही सेक्शन पर पांच इंटरलॉकिंग व दो इंजीनियरिंग गेट हैं. इन गेटों में बनाही, बिहिया में दो, आरा, कुल्हड़िया में एक-एक इंटरलॉकिंग गेट है. वहीं कारीसाथ व बिहिया के बीच दो इंटरलॉकिंग गेट है. इन सभी गेटों पर सुविधाएं बढ़ायी जा रही हैं.
क्या कहते हैं अधिकारी
इंजीनियरिंग गेट व नॉन इंटरलॉकिंग गेट पर बिहार सरकार के माध्यम से बिजली पहुंचाने की कवायद शुरू कर दी गयी है, जिन जगहों पर कम बिजली मिलती है. वहां पर इन्वर्टर भी लगाया जायेगा.
संजय प्रसाद, पीआरओ, दानापुर डिवीजन