आग लगने से 10 बीघे का धान राख, पीड़ित किसान का छलका दर्द, कहा- विकलांग बेटा-बहू के सहारे जीना मुश्किल

आरा : बिहार में आरा के गड़हनी प्रखंड के धंधौली गांव में शनिवार की शाम को लोरिक यादव के खलिहान में आग लगने से 10 बीघे का धान जलकर खाक हो गया. हालांकि, इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन लाखों रुपये की लागत से पैदा की गयी फसल पूरी […]

आरा : बिहार में आरा के गड़हनी प्रखंड के धंधौली गांव में शनिवार की शाम को लोरिक यादव के खलिहान में आग लगने से 10 बीघे का धान जलकर खाक हो गया. हालांकि, इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन लाखों रुपये की लागत से पैदा की गयी फसल पूरी तरह बर्बाद हो गयी. ग्रामीणों की मदद से किसी तरह आग पर काबू पाया गया. आलम यह कि इस आगजनी की घटना से संबंधित सूचना अग्निशमन विभाग के अधिकारियों को भी दी गयी, लेकिन समय रहते विभाग के दमकल कर्मचारी टेंडर लेकर मौके पर नहीं पहुंचे. जिस वजह से पूरी फसल जलकर राख हो गयी.

पीड़ित किसान लोरिक यादव का कहना है कि उन्हें भी इस बात की जानकारी नहीं है कि फसल में आग कैसे लगी. उन्होंने अपना दुखड़ा रोते हुए बताया कि फसल जलकर राख होने जाने की वजह से उनकी पूरे साल भर की कमाई बर्बाद हो गयी. उन्होंने बताया कि उनके परिवार में बेटा और बहू दोनों विकलांग है और वे खेती-किसानी की बात तो दूर, गृहस्थी भी संभालने में सक्षम नहीं हैं. परिवार का पूरा बोझ उनके ही कंधों पर है.

इसके साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि फसल आग में नष्ट हो जाने के बाद अब सरकार पर ही भरोसा टिका है. यदि सरकार उन्हें इसके एवज में कुछ मुआवजा प्रदान करती है, तो किसी तरह उनके परिवार का भरण-पोषण हो सकेगा. हालांकि, उनका भी कहना है कि सरकार के मुआवजे की राशि उनकी फसल भरपाई नहीं सकेगी. उन्होंने बताया कि उनकी आमदनी का एकमात्र जरिया यह किसानी ही है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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