प्रमंडलस्तरीय कृषि समन्वयकों का हुआ अधिवेशन
आरा : देश में कृषि के क्षेत्र में बिहार की विशेष पहचान बनायेंगे. इसके लिए जी-तोड़ कर कार्य किया जायेगा. कृषि देश की रीढ़ है. कृषि के बिना जीवन संभव नहीं है. नागरी प्रचारिणी सभागार में प्रमंडलस्तरीय कृषि समन्वयकों के अधिवेशन में कृषि समन्वयकों ने उक्त उद्गार व्यक्त किया. समन्वयकों ने कहा कि कृषि समन्वयक कृषि विभाग द्वारा संचालित सभी योजनाओं तथा कार्यक्रमों को शत-प्रतिशत सफल बनाने को लेकर कृषि समन्वयक भरपूर प्रयास करेंगे ताकि कृषि क्षेत्र की स्थिति में सुधार आ सके. वहीं कृषि अपनी स्वर्णिम काल में पहुंच सके.
इस अवसर पर वक्ताओं ने संगठन की मजबूती के लिए सभी का आभार व्यक्त किया तथा कहा कि एकता से ही मांगें मानी जा सकती हैं. हर जिले के कृषि समन्वयकों की मांगों को एकसूत्र में पीरो कर सरकार के समक्ष रखा गया.
इस अवसर पर रोहतास, पटना, बक्सर, भभुआ, नालंदा तथा गया के जिलाध्यक्षों ने अपने जिले में कृषि समन्वयकों की स्थिति पर विचार व्यक्त किया तथा संगठन की मजबूती पर बल दिया.
अधिवेशन में वक्ताओं ने कहा कि कृषि समन्वयकों की भूमिका को नकारा नहीं जा सकता है. कृषि समन्वयक गांव-गांव जाकर किसानों की समस्याओं के बारे में जानकारी लेते हैं तथा उनके निदान के लिए प्रशासन में प्रयास करते हैं. कृषि में विकास के लिए योजनाओं व कार्यक्रमों को सही ढंग से लागू करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाता है ताकि उत्पादन में गुणात्मक वृद्धि हो सके और किसानों का जीवन स्तर सुधर सके.
वक्ताओं ने कहा कि कृषि सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र है. मंच का संचालन रणविजय सिंह ने किया. वहीं धन्यवाद ज्ञापन नीरज कुमार सिंह ने किया. जिलाध्यक्ष भगवती सिंह ने बताया कि अधिवेशन बारी-बारी से प्रखंड स्तर पर भी किया जायेगा.
