खुदरा दुकानों के आवेदनों की नहीं हुई जांच
आरा : जिले में बालू के लिए लोगों को अब भी इंतजार करना होगा. बालू की बिक्री सरकार ने खुदरा विक्रेताओं के माध्यम से कराने का निर्णय लिया है. इसके लिए जिले में बालू की बिक्री के लिए खुदरा दुकान खोलने का इच्छा रखनेवाले लोगों द्वारा काफी संख्या में आवेदन जमा कराये गये हैं. वहीं खनन विभाग ने आवेदनों की जांच की है. वहीं अग्रेतर कार्रवाई के लिए आवेदनों को स्थल जांच के लिए प्रखंडों में भेज दिया है. सोमवार तक प्रखंड में गठित कमेटी द्वारा आवेदनों से जुड़े स्थल की जांच कर विभाग को भेजा जाना था,
पर प्रखंडों में ढुलमुल रवैये के कारण तथा लालफीताशाही के कारण अब तक स्थल जांच की प्रक्रिया नहीं पूरी की गयी है. इस कारण बालू बिक्री के लिए दुकान की मंशा रखनेवाले लोगों को भी इंतजार करना होगा तथा निर्माण कार्य के लिए बालू की खरीदारी करने वाले लोगों को भी इंतजार करना होगा.
686 आवेदनों को पाया गया है सही
बालू बिक्री को लेकर लाइसेंस के लिए लोगों द्वारा दिये गये आवेदनों में महज 686 आवेदन ही सही पाये गये हैं. खनन विभाग ने प्रारंभिक जांच में 1004 आवेदनों को अस्वीकृत कर दिया है. आवेदनों में कई तरह की खामियां पायी गयी थीं. लोगों ने आवेदन देने में कई तरह की जानकारियां नहीं दी थी. जिलाधिकारी संजीव कुमार ने अधिकारियों की टीम बनाकर आवेदनों की जांच के आदेश दिये थे.
पांच सदस्यीय टीम प्रखंडों में कर रही है जांच : प्रारंभिक जांच में सही पाये गये आवेदनों को प्रखंडों में स्थल का भौतिक सत्यापन के लिए भेजा गया है. जिसे प्रखंड की पांच सदस्यीय टीम जांच कर रही है पर जांच प्रक्रिया की धीमी प्रगति के कारण लोगों की आशा पर पानी फिर रहा है. पांच सदस्यीय टीम में प्रखंड के जिलास्तरीय प्रभारी पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, कार्यक्रम पदाधिकारी तथा कनीय अभियंता शामिल हैं.
250 लोगों को मिलेगा बालू बिक्री का लाइसेंस : जिले में 250 लोगों को बालू बिक्री का लाइसेंस मिलेगा ताकि लोगों को निर्माण कार्य में बालू की जरूरतों को पूरा किया जा सके. हालांकि जिलाधिकारी द्वारा अंतिम रूप से जांच की सारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद बालू बिक्री का लाइसेंस दिया जायेगा.
क्या कहते हैं अधिकारी
अब तक प्रखंडों से जांच रिपोर्ट नहीं आयी है. जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी.
राकेश रंजन, खनन सहायक निदेशक
