पटना-मुगलसराय रेलखंड पर संरक्षा नियमों की हो रही अनदेखी

रेलवे के गैंगमैन ट्रैक के बदले साहबों के बंगले पर बजाते हैं ड्यूटी चाय व खोमचेवालों के भरोसे है ऑल राइट सिगनल दिखाने का काम आरा : पटना-मुगलसराय रेलखंड पर चलनेवाली ट्रेनों की सुरक्षा भगवान भरोसे है. 110 से 120 किलोमीटर की रफ्तार से चलनेवाली गाड़ियों का ऑल राइट सिगनल देने का काम भी पैनल […]

रेलवे के गैंगमैन ट्रैक के बदले साहबों के बंगले पर बजाते हैं ड्यूटी

चाय व खोमचेवालों के भरोसे है ऑल राइट सिगनल दिखाने का काम
आरा : पटना-मुगलसराय रेलखंड पर चलनेवाली ट्रेनों की सुरक्षा भगवान भरोसे है. 110 से 120 किलोमीटर की रफ्तार से चलनेवाली गाड़ियों का ऑल राइट सिगनल देने का काम भी पैनल में कार्यरत कर्मी नहीं करते हैं. वहीं रेलवे ट्रैक पर काम करनेवाले 10 फीसदी गैंगमैन साहब के बंगले में सेवा में लगे रहते हैं. ऐसे में रेलवे ट्रैक पर समुचित तरीके से काम नहीं कर पाते हैं. ट्रैक का रखरखाव भी सही तरीके से नहीं हो पाता है. हालांकि रेलवे अधिकारी इससे इनकार करते हैं. पिछले कुछ माह में हुई घटनाओं पर नजर डाले, तो यह साफ हो जाती है. चाय बेचनेवाले व खोमचेवालों से ऑल राइट सिगनल दिलवाया जाता है.
ऐसे लोग रेलवे से प्रशिक्षित नहीं होते हैं. वे सिर्फ यही बात जानते है कि गाड़ी आ रही है और उसको हरी झंडी दिखा देना है, लेकिन ऑल राइट सिग्नल देनेवालों को यह देखना होता है कि ट्रेन में कहीं खराबी तो नहीं है. चक्का रगड़ तो नहीं खा रहा है, चलती ट्रेन में मारपीट तो नहीं हो रही है, लूट या छिनतई तो नहीं हो रही है. इसके बाद ऑल राइट सिगनल दिया जाता है कि ट्रेन सही सलामत निकल गयी है. एक दिन पहले ही रघुनाथपुर रेलवे स्टेशन पर सोते हुए केबिन मैन की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई है.
ऑल राइट सिगनल देने में किस बात का देना होता है ध्यान
गाड़ी स्टेशन से सुरक्षित पास कर गयी
ट्रेन के पहिए या अन्य किसी जगह से कोई परेशानी तो नहीं है
ट्रेन में लूट या अन्य यात्रियों से मारपीट तो नहीं हो रही है.
ट्रेन में कोई यात्री लटका तो नहीं है.
हाल के दिनों में पटना-मुगलसराय रेलखंड पर हुई घटनाओं पर एक नजर
26 नवंबर को आरा व जमीरा के बीच चालीसवां पुल पर शंटिंग के दौरान एक मालगाड़ी पटरी से उतर गयी थी. इस मामले की अधिकारियों ने जांच की, तो पता चला कि बोगी चलने लायक ही नहीं थी. छह माह पहले ही मरम्मत की तिथि बीत चुकी थी. इसके बाद भी इस रैक से खाद लादकर आरा भेज दिया गया.
बीते साल जुलाई में अमृतसर से हावड़ा जा रही पंजाब मेल नदांव हॉल्ट के समीप पटरी से उतर गयी थी. जांच में यह बात सामने आयी कि पटरी की मरम्मत में लापरवाही बरती गयी थी. गत एक साल से कॉशन लगाकर छोड़ दिया गया था. मरम्मत नहीं होने की वजह से यह हादसा हुआ. इस मामले में अधिकारियों व कर्मियों पर गाज गिरी.
पिछले साल फरवरी माह में कारीसाथ व आरा रेलवे स्टेशन के बीच नयी दिल्ली से हावड़ा जा रही राजधानी एक्सप्रेस का कपलिंग खुल गया था. इसके कारण ट्रेन दो पार्ट में हो गयी थी. बाकी बोगियों को छोड़कर इंजन करीब दो किलोमीटर आगे निकल गयी थी. इस मामले की जांच इस्टर्न रेलवे कोलकाता द्वारा की गयी.
हालांकि जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया गया.
बीते साल 21 मई को जनसाधारण एक्सप्रेस के गहमर से गुजरने के बाद ही इंजन में आग लग गयी. इंजन में धुआं भरता गया, लेकिन ऑल राइट सिग्नल देकर इस ट्रेन को चलाया गया. इसके बाद जमानियां रेलवे स्टेशन के समीप धू-धूकर इंजन जल गया. इस दौरान करीब 15 घंटे तक परिचालन ठप रहा.

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