चलती ट्रेनों में भी होगा यात्रियों का इलाज

राहत . अब बीमार यात्रियों काे अगले स्टेशन का नहीं करना होगा इंतजार बीमार यात्रियों की ट्रेन में ही होगा प्राथमिक इलाज, मिलेगी राहत ट्रेन में खुलेगा अस्थायी थाना बर्थ पर ही दर्ज हो जायेगी एफआइआर आरा : रेलवे स्टेशन के तर्ज पर अब चलती ट्रेन में यात्रियों का प्राथमिक इलाज की व्यवस्था रहेगी. पथराव […]

राहत . अब बीमार यात्रियों काे अगले स्टेशन का नहीं करना होगा इंतजार

बीमार यात्रियों की ट्रेन में ही होगा प्राथमिक इलाज, मिलेगी राहत
ट्रेन में खुलेगा अस्थायी थाना बर्थ पर ही दर्ज हो जायेगी एफआइआर
आरा : रेलवे स्टेशन के तर्ज पर अब चलती ट्रेन में यात्रियों का प्राथमिक इलाज की व्यवस्था रहेगी. पथराव या अन्य घटनाएं होने पर अगले बड़े स्टेशनों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा. इससे ट्रेन सेवाएं भी बाधित नहीं होंगी. आमतौर पर यह देखा जाता है कि किसी यात्री के बीमार होने पर इलाज के लिए ट्रेन को काफी देर तक रोकना पड़ता है. अब हल्की-फुल्की चोटें या बीमारी होने पर ट्रेन को रोकने की आवश्यकता नहीं होगी. यात्री का इलाज ट्रेन में ही ऑन द स्पॉट हो जायेगा. रेलवे इस योजना को अमलीजामा पहनाने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है. इसके अलावे ट्रेनों में अस्थायी चलित थाना खोला जायेगा.
इसमें पुरुष दारोगा के अलावे एक महिला कांस्टेबल की भी तैनाती की जायेगी, ताकि यात्रियों की समस्या को चलती ट्रेन में ही समाधान किया जा सके. रेलवे द्वारा इस सेवा को कुछ चुनिंदा ट्रेनों में लागू किया जायेगा. इन थानों को रेलवे सुरक्षा बल मित्र संचालित करेंगे. थाना स्काॅर्ट के लिए निर्धारित नीचे के बर्थ पर ही संचालित होगा. चलित थाने के लिए ट्रेन के बीच में लगनेवाली शयनयान श्रेणी की बोगी में बर्थ निर्धारित की जायेगी. वैसे भी सुरक्षा बल के चार से पांच जवान चलते हैं. अब उनकी संख्या कुछ बढ़ा दी जायेगी. सुरक्षा में चलनेवाले जवान ही थाने को संचालित करेंगे.
महिला जवान की भी होगी तैनाती : ट्रेन की सुरक्षा में अब अनिवार्य रूप से एक दारोगा के अलावा पुरुष और महिला कांस्टेबल शामिल होंगे. एक जवान निर्धारित बर्थ पर अनिवार्य रूप से बैठा रहेगा. शेष बोगियों में चहल-कदमी करते रहेंगे. पहचान के लिए थाने के रूप में परिवर्तित बर्थ के आगे मोबाइल बोर्ड लगा रहेगा. बर्थ पर एफआइआर का फाॅर्म, रास्ते में पड़नेवाले आरपीएफ और जीआरपी थानों के नंबर अंकित रहेंगे. इससे यात्रियों को पता चल जायेगा कि उन्हें शिकायत कहां पर करनी है.
ये होगा काम : लूट, जहरखुरानी, बर्थ पर अनधिकृत कब्जा और बीमारी आदि होने पर उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं पड़ेगी. यात्रियों को राहत पहुंचाने के लिए ट्रेन में अब ‘रेलवे सुरक्षा बल मित्र’ चलेंगे. यह मित्र यात्रियों का पूरा सहयोग करेंगे. आवश्यकता पड़ने पर मुकदमा दर्ज करेंगे. चोट लगने पर प्राथमिक उपचार भी करेंगे. इन थानों को रेलवे सुरक्षा बल मित्र संचालित करेंगे.
क्या कहते हैं अधिकारी
आरपीएफ में मित्र योजना चल रही है. चलती ट्रेनों में यात्रियों की समस्या का समाधान तुरंत हो जायेगा. चलती ट्रेन में किसी तरह की परेशानी होने पर यात्री आरपीएफ की सुरक्षा हेल्प लाइन नंबर 182 पर शिकायत भी दर्ज करा सकते हैं.
चंद्रमोहन मिश्रा, सीनियर कमाडेंट, आरपीएफ, दानापुर डिवीजन

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