इश्क में जहर भी साथ पिया, प्रेमिका उगल कर बच गयी, प्रेमी निगल कर दुनिया से चला गया
नाथनगर थाना क्षेत्र के हरिदासपुर गांव में प्यार और रिश्तों के उलझाव के बीच एक युवक की जान चली गयी. मृतक भरत कुमार (26) की शुक्रवार को इलाज के दौरान मौत हो गयी. घटना गुरुवार की है, जब विवाद के बीच जहर खाने की बात सामने आयी है. इस दौरान युवक भरत की प्रेमिका (दूसरी पत्नी) कंचन ने जहर की टिकिया को मुंह में सटाया और जमीन पर गिर गयी. यह देख उसके प्रेमी भरत ने कहा कि अब कंचन चली गयी तो जीने का मकसद नहीं बचा, उसने भी जहर की टिकिया खा ली. फिर दोनों उल्टी करने लगे. दोनों की हालत खराब देख दोनों को इलाज के लिए असपताल रवाना किया गया. भरत की हालत कुछ देर में ही बिगड़ती चली गयी तो कंचन रास्ते में ही ठीक हो गयी. भरत को इलाज के लिए जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के क्रम में शुक्रवार को उसकी मृत्यु हो गयी. मायागंज स्थिति बरारी थाने की पुलिस ने भरत के शव का पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों को सुपुर्द कर दिया है. अस्पताल से पोस्टमार्टम तक की प्रक्रिया में भरत के अन्य परिजनों के साथ कंचन भी मौजूद रही. दूसरी तरफ मृतक के पिता चानो मंडल ने कंचन देवी के विरुद्ध आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है.10 वर्ष पुराने रिश्ते को दरकिनार कर भरत ने कंचन से की दूसरी शादीभरत अपने चार भाइयों में सबसे बड़ा था. वह मेहनती था. दिल्ली और गुजरात मजदूरी करने जाता था. 10 वर्ष पहले उसकी शादी लूसी से हुई थी. दो पुत्र भी है. पिछले वर्ष दशहरा में इंस्टाग्राम के माध्यम से भरत की मुलाकात सबौर थाना क्षेत्र के मनोज मंडल की पत्नी कंचन से हुई. कंचन की मानें तो भरत को उसने दूर रहने की काफी हिदायत दी थी, लेकिन वह नहीं माना. बार बार वह उसके करीब आ जाता था. फिर कंचन भी भरत के प्यार में पड़ गयी. उसने मनसकामना मंदिर में कंचन से शादी की और गुजरात चला गया. कंचन की मानें तो गुजरात के बाद भरत उसे ले कर दिल्ली गया. इसके बाद 17 अप्रैल को भरत कंचन को ले कर अपने गांव हरिदासपुर आया. परिवार वालों ने बहुत समझाया्र लेकिन भरत नहीं माना. गुरुवार को कंचन के पति मनोज के आने के बाद हुई पंचायतीगुरुवार दोपहर 12 बजे कंचन का पति सबौर के लैलक निवासी मनोज हरिदासपुर गांव पहुंचा. मनोज के साथ कंचन की बहन भी थी. मनोज ने कंचन को घर चलने को कहा. कंचन ने साफ इनकार किया कि वह अब भरत के साथ रहेगी. इसके बाद पंचायती हुई. पंचायती में भी कंचन अडिग रही. मनोज ने कंचन को मारना शुरू कर दिया. 112 नंबर की पुलिस बुलायी गयी. पुलिस ने सभी पक्षों से बातचीत के बाद सबों को थाना जाने को कहा. इसके बाद कंचन ने कहा कि अगर मैं भरत के साथ नहीं रहूंगी, तो जहर खा कर जान दे दूंगी लेकिन मनोज के साथ नहीं जाउंगी. इस बीच भरत ने भी कहा कि वह भी जहर खा कर जान दे देगा. कुछ देर बाद कंचन उल्टी करने लगी और पता चला कि भरत ने भी जहर खा लिया है. इसके बाद दोनों को लेकर नाथनगर गये, जहां से भरत को जेएलएनएमसीएच भेज दिया गया, जबकि कंचन ठीक थी. पता चला कि भरत ने जहर खा लिया था लेकिन कंचन ने सिर्फ मुंह से सटाया था. जबकि कुछ अन्य लोगों ने बताया कि कंचन ने मुंह में जहर की एक टिकिया ली थी. टिकिया लेते ही वह जमीन पर गिर गयी और इसी दौरान उसने टिकिया को उलग दिया और उल्टी करने लगी.दर्द लूसी का – कंचन ने उजाड़ दी हंसती खेलती जिंदगीभरत के शव के पास लूसी फफक कर रो रही थी. रोने के क्रम में कह रही थी, बहुत अच्छी जिंदगी थी उसकी. लेकिन कंचन ने सब बर्बाद कर दिया. लूसी ने बताया कि भरत को बार बार कंचन से दूर रहने को कहती थी लेकिन वह मानता नहीं था. विरोध करने पर मारपीट भी करता था. इसलिए वह कुछ भी कर पाने में सक्षम नहीं थी. लेकिन अब कंचन को अपने पति के पास चली जायेगी, उसका क्या होगा. उसके दो छोटे बच्चे हैं. उसकी तो पूरी जिंदगी की उजड़ गयी.
