BHAGALPUR : तिरंगे में लिपटा पहुंचा बरैनी का लाल, तो बिलख उठा पूरा गांव
सोमवार की दोपहर करीब 12 बजे जब शहीद शिव शंकर का तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर सेना के वाहन से पैतृक गांव बरैनी पहुंचा, तो पूरे गांव की आंखें नम हो गईं.
कहलगांव, भागलपुर से प्रतिनिधि की रिपोर्ट :
सोमवार की दोपहर करीब 12 बजे जब शहीद शिव शंकर का तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर सेना के वाहन से पैतृक गांव बरैनी पहुंचा, तो पूरे गांव की आंखें नम हो गईं.सन्नाटा चीरती बिलखती आवाजों से बरैनी का माहौल गमगीन हो उठा.इकलौते बेटे का शव देखते ही मां रंजना देवी दहाड़ मारकर बेसुध हो गईं. पिता विनय कुमार पत्थर की मूरत बने बेटे के ताबूत को एकटक निहारते रहे. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था. पूरे घर में चीत्कार मच गई. शहीद की चाची, दादी और बहन कोमल रानी शव से लिपटकर विलाप कर रही थीं. दृश्य देखकर गांव के सख्त से सख्त लोगों की भी रुलाई फूट पड़ी. अनुमंडल क्षेत्र के विभिन्न जगहों से हजारों की भीड़ उमड़ पड़ी. ग्रामीणों ने शहीद के दरवाजे पर ही फूल-मालाओं का अंबार लगा दिया. हर कोई एक बार अपने लाल का अंतिम दर्शन करने को आतुर है.गांव के बल्लू कुमार ने रुंधे गले से बताया, की “शिव शंकर इस मिट्टी का पहला लाल था जो असम राइफल्स में गया. तीन साल पहले जब वह वर्दी पहनकर पहली बार गांव आया था, तो पूरे बरैनी ने जश्न मनाया था. आज उसी वर्दी में वह तिरंगे में लिपटकर लौटा है. हमारा सीना गर्व से चौड़ा भी है और दर्द से फटा भी जा रहा है. “वहीं प्रवीण कुमार राणा,दिवाकर कुमार सिन्हा, बल्लू पासवान,अमल कुमार गुड्डू,मंगल यादव,पवन भारती,कृष्णा सिंह,पूरण सिंह,रिंकू सिन्हा, फणिकांत सिन्हा सहित सैकड़ो अन्य लोगों द्वारा पार्थिव शरीर को भावपूर्ण श्रद्धांजलि लगातार दी जा रही.