भागलपुर के एक दलित बच्चे पर भागलपुर में बनी फिल्म अनटोल्ड स्टोरी ऑफ पवन को गोरखपुर फिल्म महोत्सव में सर्वश्रेष्ठ का अवार्ड मिला. सर्वश्रेष्ठ निर्देशन का पुरस्कार भागलपुर के ही चर्चित रंग निर्देशक सह अभिनेता डॉ चैतन्य प्रकाश को मिला है.
मशहूर फिल्म निर्देशक तिग्मांशु धूलिया ने की थी शिरकत
बकौल डॉ चैतन्य प्रकाश बालीवुड के प्रसिद्ध निर्देशक तिग्मांशु धूलिया ने भी गोरखपुर फिल्म महोत्सव में शिरकत की थी. चैतन्य निर्देशित इस फिल्म के चयन का आधार निर्देशकीय दृष्टि, सामाजिक सरोकार, प्रभावी कथ्य और अर्थपूर्ण गीत-संगीत था. फिल्म महोत्सव में देश भर से लगभग चालीस फिल्मों का चयन स्क्रीनिंग के लिए किया गया था.कौन है डॉ चैतन्य प्रकाश
डॉ चैतन्य भागलपुर की सांस्कृतिक संस्था आलय है. नेशनल फेलोशिप प्राप्त कर चुके हैं. भारतेंदु नाट्य अकादमी से पास आउट हैं और वर्तमान में तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के मुरारका महाविद्यालय में कार्यरत हैं.फिल्म अनटोल्ड स्टोरी ऑफ पवन की कहानी
अनटोल्ड स्टोरी ऑफ पवन की कहानी में पवन एक दलित बच्चा है जो खूब मस्त रहता है. वह अभिनय करना चाहता है और अक्सर नाटक के रिहर्सल में जाकर बैठ जाता है. निर्देशक से एक मौका देने की जिद करता है, लेकिन नाट्य निर्देशक चाहता है कि पवन पहले स्कूल जाये. एक बार पवन ग्रीन रूम में बैठा कलाकार धक्के देकर निकाल देता है. फिर वह स्कूल जाने का निर्णय करता है. वह स्कूल का यूनिफार्म बनाता है, बहते नाले से एक फटा सा स्कूल बैग निकाल कर साफ करता है और सुबह स्कूल पहुंच जाता है. डॉ चैतन्य प्रकाश बताते हैं कि असली पवन जिससे वह फिल्म बनाने के लिए प्रेरित हुए उसमें हुनर था, प्रतिभा थी, लेकिन वह जिस समुदाय से संबंधित था उसकी विसंगतियों, असुविधाओं और शासन की अनदेखी की वजह से वह इस दुनिया से चला गया. इस फिल्म के विभिन्न पक्षों में मिथिलेश कुमार, मदन झा, रंजीत मिश्रा, मिथलेश कुमार रिंटू,आलोक राज, बृजकिशोर सिंह, अतुल कुमार, विकास चंद्रा, दिवाकर कुमार, सूरज कुमार,संजीव कुमार संगम, बिट्टू कुमार यादव, विकास कुमार, चंदन कुमार और निशा कुमारी ने अहम कार्य किया है.
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