मकर संक्रांति को लेकर भागलपुर में बाजार सजने लगा है. चूड़ा, तिल, मूढ़ी, गुड़, तिलवा, तिलकुट की बिक्री शुरू हो गयी है. दूध-दही समेत अन्य मकर संक्रांति व्यंजन से इस बार 10 करोड़ से अधिक का कारोबार होने की संभावना है. शहर के सभी चौक-चौराहे पर तिलकुट, तिलवा, कतरनी चूड़ा, तिल, गुड़, लाई आदि की दुकानें सज गयी हैं. मुख्य बाजार स्थित वेराइटी चौक, इनारा चौक, आनंद चिकित्सालय रोड, तिलकामांझी चौक आदि में मकर संक्रांति की तैयारी शुरू हो गयी है. बाजार के कारोबारियों की मानें तो जिले में 1000 क्विंटल चूड़ा-चावल, गुड़, तिलकुट आदि व्यंजन की बिक्री होगी. बाजार में अभी मोटा चूड़ा 40 से 45 रुपये किलो, जबकि छोटा चूड़ा मालभोग, कतरनी, सोनम-संभा 55 से लेकर 150 रुपये किलो तक बिक रहे हैं. गीला गुड़ 50 रुपये किलो, सूखा गुड़ 70 से 100 रुपये किलो, तिलवा 90 रुपये किलो, काला तिल 220 रुपये किलो, 180 रुपये किलो उजला तिल बिक रहा है. तिलकुट दुकानदार संजय कुमार ने बताया कि यहां खोवा व मावा वाले तिलकुट भी उपलब्ध हैं. अभी तिलकुट 200 से 400 रुपये प्रति किलो मिल रहे हैं. वहीं तिलवा व गुड़ कारोबारी ने बताया कि गुड़ 50 से 100 रुपये किलो तक, सूखा गुड़ 70 से 100 रुपये किलो, मिठाई गुड़ 100 रुपये किलो बिक रहे हैं. मूढ़ी व चूड़ा भूजा 60 से 70 रुपये किलो, लाई 100 रुपये किलो, तिल लड्डू 300 रुपये किलो तक बिक रहे हैं. चूड़ा व चावल व्यवसायी कृष्णानंद सिंह ने बताया कि जैविक कतरनी चूड़ा 150 रुपये किलो तक बिक रहे हैं. भागलपुर से कतरनी, सोनम व संभा चूड़ा देश के विभिन्न हिस्सों में सौगात के रूप में भेजा जाने लगा है. ऐसे में पूरे जिले से सभी तरह का चूड़ा व चावल की बिक्री 1000 क्विंटल होना स्वाभाविक है. चंदन विश्वास ने बताया कि सामान्य दिनों से पांचगुनी बिक्री बढ़ गयी है. अभी मोटा चूड़ा 3800 से 4000 रुपये क्विंटल, जबकि कतरनी चूड़ा 10000 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक कीमत में बिक रहे हैं. पहले रोजाना पांच से 20 हजार रुपये का कारोबार होता था, अभी 50 से 70 हजार रुपये का कारोबार हो रहा है. सोनम व संभा चूड़ा 55 से 60 रुपये किलो बिक रहे हैं. इसके अलावा दूध व दही से भी मकर संक्रांति पर लाखों का कारोबार होगा.
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