bhagalpur news. शहीद तिलकामांझी जीवनभर मजदूरों-किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए लड़ते रहे

जिले के विभिन्न स्थानों समेत शहर के अलग-अलग क्षेत्र में शहीद तिलकामांझी की जयंती पर अलग-अलग आयोजन हुआ

जिले के विभिन्न स्थानों समेत शहर के अलग-अलग क्षेत्र में शहीद तिलकामांझी की जयंती पर अलग-अलग आयोजन हुआ. कहीं संगोष्ठी, कहीं सम्मान समारोह, तो कहीं संकल्प सभा का आयोजन हुआ. वक्ताओं ने कहा कि शहीद तिलकामांझी जीवनभर मजदूरों-किसानों के अधिकारों की रक्षा व देश-समाज के लिए लड़ते रहे. उनसे देशभक्ति की प्रेरणा लेने की जरूरत है. तिलकामांझी (मुर्मू ) आदिवासी सुसार बैसी भागलपुर ने किया सम्मान समारोह

तिलकामांझी चौक के समीप पार्क परिसर शहीद स्थल में तिलकामांझी आदिवासी सुसार बैसी भागलपुर की ओर से सम्मान समारोह का आयोजन किया गया. प्रतिमा पर माल्यार्पण बिहार राज्य खाद्य आयोग के सदस्य महादेव मंडल ने किया. मुख्य अतिथि डिप्टी मेयर डॉ सलाहउद्दीन अहसन थे, तो विशिष्ट अतिथि नागरिक विकास समिति के पदाधिकारी सत्यनारायण प्रसाद, हवाई सेवा समिति के संयोजक कमल जायसवाल, वरिष्ठ मानवाधिकार शिक्षक डॉ ईशान सिन्हा, आनंद कुमार मिश्रा थे. आयोजन समिति के सदस्य राजेश हेम्ब्रम, पालटन हेम्ब्रम, शुकदेव किस्कू, राज हेम्ब्रम, महेन्द्र सोरेन, सोफी सोरेन, मेरी नीला बास्की, सावित्री मरांडी ने अतिथियों को सम्मानित किया. कार्यक्रम में झारखंड पश्चिम बंगाल एवं सुदूर गांव के लोग शामिल हुए.

समवेत व अनुसूचित जनजाति ग्रामीण विकास संघ का सांस्कृतिक कार्यक्रम

समवेत एवं अनुसूचित जनजाति ग्रामीण विकास संघ के संयुक्त तत्वावधान में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. प्रेरणा केंद्र की किशोरियों ने भाषण के माध्यम से तिलकामांझी के संघर्ष, साहस और बलिदान को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया. कार्यक्रम में देशभक्ति गीत एवं समूह नृत्य, महिला-पुरुष एवं तीरंदाजी प्रतियोगिता हुई. निदेशक विक्रम ने कहा कि तिलकामांझी केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि आदिवासी और वंचित समुदायों के आत्मसम्मान, साहस और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष के प्रतीक हैं. आशा कुमारी एवं नीतू मुर्मू, राहुल कुमार, लालू सोरेन, सुशीला, सुरेन्द्र सोरेन आदि मौजूद थे.

ट्रेड यूनियनों ने मोमबत्ती जलाकर दी श्रद्धांजलि

ट्रेड यूनियनों एक्टू, एटक, सीटू, सेवा आदि के नेताओं व कार्यकर्ताओं ने शहीद तिलकामांझी को मोमबत्ती जलाकर श्रद्धांजलि दी. उनके सपनों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया. मजदूर संगठनों के नेतृत्वकारियों ने कहा कि शहीद तिलकामांझी जीवनभर मजदूरों-किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए लड़ते रहे. उन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व कुर्बान कर दिया, लेकिन आज की सरकार मजदूरों-किसानों का सबकुछ छीन लेने पर उतारू हैं.

स्वाभिमान की ओर से हुई संगोष्ठी

स्वाभिमान ने शिक्षण संस्थान, मंदरोजा में तिलकामांझी की जयंती पर संगोष्ठी आयोजित की. अध्यक्षता संस्था के संस्थापक जगतराम साह कर्णपुरी ने की. मुख्य अतिथि मुदित कुमार झा ने कहा कि देश के पहले स्वतंत्रता सेनानी थे वीर तिलकामांझी. इतिहासकारों ने उनके जीवन संघर्ष का सही मूल्यांकन नहीं किया. मौके पर प्रेम कुमार प्रिय, अजय शंकर, शिवम कुमार, नवल किशोर, गोपाल महतो, राजीव रंजन, प्रकाश कुमार उपस्थित थे.

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By ATUL KUMAR

ATUL KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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