BHAGALPUR : विक्रमशिला पुल हादसा के बहाने नवदंपती कर रहे गंगा विहार, एक टीस के साथ लुत्फ भी
विक्रमशिला पुल हादसा के बाद लगन के मौसम में नवदंपति के लिए गंगा विहार का अवसर मिल रहा है.
भागलपुर से दीपक राव की रिपोर्ट :
विक्रमशिला पुल हादसा के बाद लगन के मौसम में नवदंपति के लिए गंगा विहार का अवसर मिल रहा है. थोड़ी टीस जरूर है, लेकिन मजा भी है. यह कहना विशनपुर जीछो के सुभाष कुमार और ढोलबज्जा जंगल टोला की सीमा कुमारी का है. दूसरे नवदंपति मुरारी व शिखा ने भी नाव पार करते हुए समर्थन किया. लगन के मौसम में प्राय: शादी करके घर लौटने व ससुराल जाने वाले नवदंपती को गंगा में नाव का सहारा लेना पड़ रहा था.
सुभाष कुमार ने बताया कि शादी 28 अप्रैल को हुई, तो यह नहीं सोचे थे कि गंगा पार करने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ेगा. विक्रमशिला पुल के बगल ही दूसरा पुल बन रहा है. काफी उत्साहित थे कि जाम की स्थिति में दूसरे पुल से होकर ससुराल जायेंगे. अब तो शादी के बाद पनबिच्छी की रस्म अदा करने के लिए नाव से ससुराल ढोलबज्जा जाना पड़ रहा है. फिर भी इसका आनंद कुछ अलग है. जिस तरह इंज्वाय करने का नहीं सोचा और इंज्वाय हो गया. हां सरकार से मांग जरूर करते हैं शीघ्र पुल से आवागमन चालू हो, ताकि बार-बार नाव से आने-जाने में परेशानी नहीं हो. वहीं दूसरे नवदंपति गंगा के बीच धार में सेल्फी लेते इंज्वाय करते हुए दिखे.
खैरपुर के दंपती को बेटी की शादी के लिए सामान लाने में चौगुना हुआ खर्च
खैरपुर के दंपति सीताराम व निर्मला देवी की पुत्री की शादी तिलकामांझी कृष्णापुरी से करनी है. सबकुछ तैयारी हो गयी है. ऐसे में पुल हादसा के बाद आयोजन में बदलाव नहीं किया जा सकता. सीताराम ने बताया कि उनकी पुत्री असबरी कुमारी की शादी को लेकर खैरपुर से पलंग, अलमीरा, ट्रंक समेत अन्य सामान लाने में पहले 800 रुपये खर्च होते थे, वही अभी 3000 से अधिक हो गये. निर्मला देवी ने बताया पहले एक घंटा भी नहीं लगता था. अब तो सुबह से ही तैयारी करनी पड़ी और दोपहर 12 बजे बरारी पुल घाट पहुंच पाये. फिर यहां जान जोखिम में डालकर सामान उतारा गया और फिर मालवाहक गाड़ी पर चढ़ाने में परेशानी हुई.