मुख्य बातें:
सुलतानगंज (भागलपुर) से शुभंकर की रिपोर्ट
Sultanganj Railway Station: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 के आगाज से ठीक पहले सुलतानगंज रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने और इसे ”स्मार्ट सिक्योरिटी मॉडल” के रूप में विकसित करने की दिशा में पूर्व रेलवे ने एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है. मालदा रेल मंडल के डीआरएम (DRM) मनीष कुमार गुप्ता के कड़े निर्देश पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) पोस्ट एवं बैरक के पूरे कामकाज को पुराने जर्जर कमरों से हटाकर स्टेशन के पश्चिमी छोर पर बने अत्याधुनिक, नव-निर्मित दो मंजिला भवन में स्थानांतरित (शिफ्ट) कर दिया गया है. गुरुवार को डीआरएम द्वारा किए गए औचक निरीक्षण के बाद महज 24 घंटे के भीतर इस पूरी शिफ्टिंग प्रक्रिया को रिकॉर्ड समय में पूरा कर लिया गया, जिससे अब आरपीएफ की सुरक्षा सेवाएं अधिक त्वरित और प्रभावी हो जाएंगी.
20 बेड की बैरक, हाजत और आधुनिक संसाधनों से लैस है नया आरपीएफ थाना
- मल्टी-स्टोरी और आधुनिक लेआउट: यह नया सुरक्षा भवन पूरी तरह दो मंजिला (जी+1) है. इसके भूतल (Ground Floor) पर प्रशासनिक कार्यालय, इंस्पेक्टर चैंबर, अधिकारियों के लिए अलग मीटिंग रूम, पूछताछ (हेल्प) डेस्क और सुरक्षित हाजत का निर्माण किया गया है.
- जवानों के लिए सुविधायुक्त बैरक: भवन के प्रथम तल (First Floor) पर करीब 20 बेड की क्षमता वाला आधुनिक बैरक बनाया गया है, जिसमें जवानों के आराम के लिए शौचालय, अत्याधुनिक स्नानघर और खुला बरामदा सहित सभी आवश्यक नागरिक सुविधाएं दी गई हैं.
- सामरिक स्थान (Strategic Location): स्टेशन के अंतिम छोर (पश्चिमी छोर) पर स्थित होने के कारण यह नया भवन श्रावणी मेले के दौरान स्टेशन परिसर में होने वाली अप्रत्याशित भीड़ के प्रबंधन (Crowd Management), कानून व्यवस्था और किसी भी आपातकालीन स्थिति में क्विक रिएक्शन टीम (QRT) के मूवमेंट के लिए काफी उपयोगी साबित होगा.
उद्घाटन के बाद भी खाली पड़ा था भवन, डीआरएम के चाबुक के बाद खाली हुए पुराने कमरे
गौरतलब है कि इस दो मंजिला आरपीएफ पोस्ट सह बैरक का भव्य उद्घाटन इसी साल 27 मार्च को पूर्व रेलवे (कोलकाता) के प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त सह आरपीएफ महानिरीक्षक अमिय नंदन सिन्हा द्वारा किया गया था. हालांकि, उद्घाटन के तीन महीने बाद भी आरपीएफ का दस्ता पुराने भवन के कमरों से ही काम कर रहा था.
आरपीएफ पोस्ट के उप निरीक्षक (सब-इंस्पेक्टर) उमेश कुमार वर्मा ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि अब आरपीएफ से जुड़े सभी प्रशासनिक, वीआईपी एस्कॉर्ट और सुरक्षा संबंधी कार्य नए भवन से ही पूरी तरह संचालित होंगे. वहीं सुलतानगंज के स्टेशन प्रबंधक गिरीश प्रसाद सिंह ने बताया कि आरपीएफ द्वारा खाली किए गए पुराने भवन के तीनों महत्वपूर्ण कमरों की चाबियां स्टेशन मास्टर कार्यालय को सौंप दी गई हैं, जिसका उपयोग अब रेल प्रशासन वाणिज्यिक या यात्री सुविधाओं से जुड़ी अन्य तात्कालिक आवश्यकताओं के लिए करेगा.
आरपीएफ सब-इंस्पेक्टर ने आम रेल यात्रियों और सुदूर राज्यों से आने वाले शिवभक्त कांवरियों से अपील की है कि वे सुरक्षा, चोरी, पाकेटमारी या किसी भी प्रकार की सहायता/शिकायत के लिए स्टेशन के पश्चिमी छोर पर स्थित नए आरपीएफ पुलिस स्टेशन से सीधे संपर्क कर त्वरित मदद पा सकते हैं.
Sultanganj Railway Station: अपराध नियंत्रण और सुगम कांवर यात्रा में मील का पत्थर
रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि नई डिजिटल तकनीक, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और चुस्त संसाधनों से लैस यह नया पोस्ट सुलतानगंज को पूर्व रेलवे का एक सुरक्षित मॉडल स्टेशन बनाएगा. श्रावणी मेले के दौरान इस नए केंद्र से पूरे स्टेशन प्लेटफॉर्म, रेल पटरियों और मेला वीआईपी रूट की सीसीटीवी (CCTV) मॉनिटरिंग भी की जाएगी, जिससे न केवल रेल अपराधों पर अंकुश लगेगा, बल्कि सुल्तानगंज पहुंचने वाले लाखों श्रद्धालुओं को एक सुरक्षित, अनुशासित और भरोसेमंद वातावरण मिल सकेगा.
