मुख्य बातें:
सुलतानगंज (भागलपुर) से शुभंकर की रिपोर्ट
Sultanganj News: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 के शांतिपूर्ण और सुरक्षित आयोजन को लेकर सुल्तानगंज नगर परिषद क्षेत्र में प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं. इसी कड़ी में शहर के सबसे व्यस्ततम ‘मुख्य चौक’ पर खतरनाक ढंग से झुका हुआ एक बिजली का पोल स्थानीय नागरिकों और दुकानदारों के लिए गंभीर चिंता व हादसे का कारण बना हुआ है. स्थानीय लोगों की शिकायत और संभावित खतरे को भांपते हुए बिजली विभाग ने अब इस पोल को अविलंब हटाने की प्रशासनिक तैयारी शुरू कर दी है, ताकि कांवड़ यात्रा के दौरान देश-विदेश से आने वाले लाखों शिवभक्तों की सुरक्षा में कोई चूक न हो.
जर्जर और अनुपयोगी है पोल; स्थानीय लोगों में थी अनहोनी की आशंका
- हादसे को आमंत्रण: स्थानीय व्यवसायियों और राहगीरों का कहना है कि मुख्य चौक पर यह पोल एक तरफ काफी ज्यादा झुक गया है. व्यस्त इलाका होने के कारण यहाँ चौबीसों घंटे लोगों और वाहनों की भारी आवाजाही लगी रहती है, जिससे पोल के अचानक जमींदोज होने पर किसी बड़ी अनहोनी की आशंका लगातार बनी हुई थी.
- वर्तमान तकनीकी स्थिति: इस संबंध में बिजली विभाग ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में इस पोल के ऊपर से कोई भी लाइव विद्युत प्रवाहित तार (बिजली लाइन) या अन्य कीमती विद्युत उपकरण नहीं गुजर रहे हैं. हालांकि, यह ढांचागत रूप से कमजोर हो चुका है, इसलिए सुरक्षा के लिहाज से इसे उखाड़ना बेहद जरूरी है.
Sultanganj News: जर्जर तार और खतरनाक पोलों के खिलाफ चलेगा विशेष अभियान: शहरी जेई
श्रावणी मेले के मद्देनजर केवल इसी पोल को नहीं, बल्कि पूरे सुल्तानगंज रूट को कंक्रीट और जर्जर तारों के जाल से मुक्त कराने का फैसला लिया गया है.
शहरी क्षेत्र के विद्युत कनीय अभियंता (JE) अरविंद कुमार ने बताया कि यह बिजली का पोल काफी पुराना और पूरी तरह अनुपयोगी हो चुका है. मेला क्षेत्र में पैदल चलने वाले डाक बमों और सामान्य कांवरियों की सुरक्षा को हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता में रखा गया है. मुख्य चौक के इस झुके हुए पोल को क्रेन की मदद से अगले 24 से 48 घंटों के भीतर सुरक्षित रूप से हटा लिया जाएगा.
जेई ने आगे बताया कि श्रावणी मेले के मद्देनजर विभाग द्वारा पूरे मेला रूट, कांवरिया पथ, घाटों और मुख्य बाजारों में एक विशेष सर्वे अभियान चलाया जा रहा है. इसके तहत सभी झुके हुए पोलों को सीधा करने, वर्षों पुराने जर्जर और नंगे तारों को हटाकर कवर्ड (एबी) केबल लगाने तथा ट्रांसफार्मरों के पास सुरक्षा घेरा (बैरिकेडिंग) बनाने का काम युद्धस्तर पर किया जा रहा है. स्थानीय जागरूक नागरिकों ने विद्युत विभाग के इस कदम की सराहना की है, साथ ही यह भी मांग की है कि 4 जुलाई तक टेंडर की अन्य प्रक्रियाओं के साथ ही बिजली के सभी पेंडिंग कार्यों को धरातल पर पूरा कर लिया जाए ताकि मुकम्मल और निर्बाध बिजली आपूर्ति बहाल रह सके.
