सुलतानगंज सीएचसी में डिजिटल एक्स-रे मशीन धूल फांकने को मजबूर: बिजली मीटर शिफ्ट न होने से सेवा ठप

Sultanganj CHC: सुलतानगंज के नवनिर्मित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में आधुनिक डिजिटल एक्स-रे मशीन तो लगा दी गई है, लेकिन बिजली विभाग की सुस्ती के कारण मीटर नए भवन में शिफ्ट नहीं हो सका है, जिससे मरीजों को भागलपुर रेफर होना पड़ रहा है.

सुलतानगंज (भागलपुर) से शुभंकर की रिपोर्ट

Sultanganj CHC: सुलतानगंज के नवनिर्मित अत्याधुनिक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में स्वास्थ्य विभाग के बड़े दावों के उलट जमीनी हकीकत मरीजों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है. अस्पताल परिसर में आधुनिक डिजिटल एक्स-रे मशीन स्थापित होने के बावजूद अब तक इसकी सेवाएं शुरू नहीं हो सकी हैं. इस तकनीकी विफलता और प्रशासनिक सुस्ती का मुख्य कारण पुराने अस्पताल भवन के बिजली मीटर का नए भवन में शिफ्ट न होना है. बिजली आपूर्ति के अभाव में लाखों रुपये की यह जीवनरक्षक मशीन बंद पड़ी है, जिसके कारण प्रतिदिन इलाज के लिए आने वाले सैकड़ों गरीब मरीजों को मामूली फ्रैक्चर की जांच के लिए भी भारी फजीहत झेलनी पड़ रही है.

तारापुर की बुजुर्ग महिला रेफर; निजी केंद्रों पर आर्थिक शोषण का शिकार हो रहे मरीज

  • ऑन-स्पॉट केस: शुक्रवार को सड़क हादसे का शिकार हुई तारापुर के गोरगम्मा गांव की रहने वाली 70 वर्षीय बुजुर्ग रंभा देवी को गंभीर स्थिति में इलाज के लिए सुलतानगंज सीएचसी लाया गया था. ऑन-ड्यूटी डॉक्टरों ने उनके पैर और हाथ में गंभीर चोट को देखते हुए तत्काल एक्स-रे की आवश्यकता बताई.
  • भागलपुर दौड़ने की मजबूरी: अस्पताल के भीतर जांच सुविधा बंद होने के कारण लाचार परिजनों को तड़पती बुजुर्ग महिला को लेकर भागलपुर के मायागंज अस्पताल या निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों के चक्कर काटने के लिए मजबूर होना पड़ा, जिससे उनका कीमती समय और पैसा दोनों बर्बाद हुआ.

Sultanganj CHC: बिजली विभाग को भेजा गया है पत्र; तकनीकी टीम को हरी झंडी का इंतजार

अस्पताल के एक्स-रे विंग के तकनीशियनों ने इस पूरी अव्यवस्था के लिए बिजली विभाग की कछुआ चाल को जिम्मेदार ठहराया है.

अस्पताल के एक्स-रे टेक्नीशियन अनुभव कुमार और सौरभ प्रियांशु ने संयुक्त रूप से बताया कि ‘अनिक्रा फाउंडेशन’ द्वारा अत्याधुनिक डिजिटल एक्स-रे मशीन समय पर अस्पताल को उपलब्ध करा दी गई है. मशीन को चलाने के लिए जिस हाई-वोल्टेज बिजली और मीटर लोड की आवश्यकता है, उसके लिए पुराने भवन के मीटर को यहां स्थानांतरित करने हेतु विद्युत विभाग को आधिकारिक पत्र भेजा जा चुका है. बिजली विभाग की अनापत्ति और मीटर शिफ्ट होते ही कंपनी के इंजीनियर आकर मशीन का फाइनल इंस्टॉलेशन और तकनीकी परीक्षण (कैलिब्रेशन) पूरा कर देंगे.

इधर, स्थानीय नागरिकों और मरीजों के परिजनों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि एक तरफ सरकार नए अस्पताल भवन में ‘स्मार्ट’ और विश्वस्तरीय सुविधाएं देने का ढिंढोरा पीट रही है, वहीं दूसरी तरफ एक्स-रे जैसी बुनियादी और प्राथमिक जांच सेवा के लिए फाइलें दफ्तरों में धूल फांक रही हैं. स्थानीय बुद्धिजीवियों ने भागलपुर के सिविल सर्जन और विद्युत कार्यपालक अभियंता से इस मामले में व्यक्तिगत हस्तक्षेप करते हुए 24 घंटे के भीतर बिजली मीटर शिफ्ट कराने की मांग की है, ताकि श्रावणी मेले से पहले गरीब मरीजों को अस्पताल परिसर के भीतर ही मुफ्त डिजिटल एक्स-रे की सुविधा मिलनी शुरू हो सके.

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Published by: Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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