मानदेय की तंगी में इलाज नहीं करा सके शिक्षा सेवक, मौत पर संघ ने जताया आक्रोश

भागलपुर में मानदेय न मिलने से आर्थिक तंगी के कारण शिक्षा सेवक अनिरुद्ध रजक की मौत हो गई। संघ ने सरकार से बकाया भुगतान की तत्काल मांग की है।

गोपालपुर : लंबे समय से मानदेय का भुगतान नहीं होने के कारण आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षा सेवक अनिरुद्ध रजक की मौत पर नवगछिया अनुमंडल शिक्षा सेवक संघ ने आक्रोश जताया है. संघ ने आरोप लगाया कि आर्थिक संकट के कारण शिक्षा सेवकों को जरूरत के समय समुचित इलाज तक कराने में परेशानी हो रही है.

बकाया मानदेय के कारण आर्थिक संकट

संघ के अध्यक्ष शंभू कुमार रजक ने कहा कि शिक्षा सेवकों को लंबे समय से नियमित मानदेय नहीं मिलने के कारण गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि कई शिक्षा सेवक और उनके परिवार आर्थिक तंगी में जीवन गुजार रहे हैं. ऐसी स्थिति में बीमारी होने पर इलाज का खर्च उठाना भी मुश्किल हो जाता है.

उन्होंने सरकार से शिक्षा सेवकों के बकाया मानदेय का तत्काल भुगतान करने और आगे से हर महीने नियमित रूप से मानदेय देने की मांग की.

अनिरुद्ध रजक की मौत पर जताया दुख

शंभू कुमार रजक ने अनिरुद्ध रजक की मौत को दुखद बताते हुए सरकार से मामले को गंभीरता से लेने की अपील की. उन्होंने कहा कि शिक्षा सेवकों को समय पर मानदेय मिलना जरूरी है, ताकि उन्हें और उनके परिवारों को आर्थिक परेशानियों का सामना न करना पड़े.

मृतक शिक्षा सेवक अनिरुद्ध रजक नाथनगर के प्राथमिक विद्यालय दिग्घी में कार्यरत थे. उनकी मौत के बाद शिक्षा सेवक संघ ने बकाया भुगतान को लेकर अपनी मांग फिर दोहरायी है.

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By Vipin Thakur

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