स्वतंत्रता दिवस के पावन राष्ट्रीय पर्व पर परांची पंचायत के नवनिर्मित पंचायत सरकार भवन परिसर में झंडोत्तोलन नहीं किए जाने को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त हो गया है. ग्रामीणों का आरोप है कि भवन का निर्माण कार्य पूरी तरह संपन्न हो जाने के बावजूद 15 अगस्त के अवसर पर यहां राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराया गया, जो जनभावनाओं की अनदेखी है. इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से स्थिति स्पष्ट करने की मांग उठाई है.
भवन निर्माण पूरा, फिर भी नहीं फहराया गया तिरंगा: ग्रामीण
स्वतंत्रता दिवस के दिन नवनिर्मित पंचायत भवन पर तिरंगा न फहराए जाने से नाराज बड़ी संख्या में ग्रामीण भवन परिसर में एकत्रित हुए और अपनी असहमति जताई. ग्रामीणों का कहना था कि लाखों की लागत से बनकर तैयार हुए इस नए भवन में राष्ट्रीय ध्वज फहराने से क्षेत्र के लोगों में एक सकारात्मक संदेश जाता, लेकिन उपेक्षा के चलते ऐसा नहीं किया गया. विरोध जताने वालों में ब्रह्मदेव दास, वार्ड सदस्य संजय दास, मंटू दास, बबलू कुमार, सागर कुमार, अनुप कुमार, सीताराम दास, शानदार कुमार, अजय कुमार और सुभाष कुमार सहित कई स्थानीय नागरिक शामिल रहे.
राष्ट्रीय पर्व और जनभावनाओं से जुड़ा मुद्दा: सुबोध सुमन
मामले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भावी मुखिया प्रत्याशी सुबोध कुमार सुमन ने तीखी नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि जब परांची पंचायत के नए भवन का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, तो स्वतंत्रता दिवस जैसे महान राष्ट्रीय पर्व के मौके पर वहां तिरंगा फहराया जाना चाहिए था. यह केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि राष्ट्रप्रेम और समूचे पंचायतवासियों के आत्मसम्मान व भावनाओं से जुड़ा विषय है. उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित पदाधिकारियों से सार्वजनिक रूप से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की.
मुखिया पक्ष की सफाई: हैंडओवर और उद्घाटन का अभाव
विवाद बढ़ने पर वर्तमान मुखिया इलाइची देवी के पुत्र राजेश पासवान ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि नवनिर्मित भवन का विधिवत उद्घाटन अभी तक नहीं हुआ है. उन्होंने बताया कि पंचायत सचिव द्वारा भवन को आधिकारिक रूप से मुखिया को हैंडओवर करने से संबंधित कोई आधिकारिक सूचना या दस्तावेज नहीं सौंपा गया है. इसी तकनीकी कारण से परंपरा के अनुसार नावाडीह स्थित पुराने पंचायत भवन में ही पूरी गरिमा के साथ झंडोत्तोलन किया गया. उन्होंने यह भी साझा किया कि उनकी माता सह मुखिया इलाइची देवी लंबे समय से अस्वस्थ चल रही हैं, जिससे पंचायत के दैनिक कार्यों के निष्पादन में भी कई व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.
पंचायत सचिव से नहीं हो सका संपर्क
इस पूरे प्रशासनिक प्रकरण और भवन हैंडओवर को लेकर जब पंचायत सचिव अंबेडकर गुप्ता से उनका पक्ष जानने के लिए दूरभाष पर संपर्क साधने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया. फिलहाल नए भवन में झंडोत्तोलन न होने का मामला इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है.
