bhagalpur news. सफदर के विचारों से लोगों में धार पैदा करने की जरूरत

सफदर के विचारों से लोगों में धार पैदा करने की जरूरत है. सफदर ने शहादत देकर यह साबित किया है. उक्त बातें प्रो उदय मिश्र ने शुक्रवार को कही.

मशहूर नाटककार व शिक्षक सफदर हाशमी के विचार आज भी प्रासंगिक हैं. चुनौतियां बढ़ रही है और लिखने-पढ़ने वालों के बीच भय का माहौल बनाया जा रहा है. सत्ता का अलग रूप दिख रहा है. जनता परेशान है. साहित्य, संस्कृति व कला माध्यम से लोगों में उम्मीद जगायी जा सकती है. सफदर के विचारों से लोगों में धार पैदा करने की जरूरत है. सफदर ने शहादत देकर यह साबित किया है. उक्त बातें प्रो उदय मिश्र ने शुक्रवार को कही. मौका था आदमपुर राजबाटी लेन स्थित संबंध कार्यालय में दिशा जन सांस्कृतिक मंच एवं संबंध के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सफदर हाशमी शहादत दिवस पर विचार गोष्ठी का. दिशा के संयोजक प्रो चंद्रेश ने विषय प्रवेश कराते हुए कहा कि सफदर हाशमी एक नाटककार, कलाकार, निर्देशक, गीतकार और कलाविद थे. उन्हें नुक्कड़ नाटक के साथ उनके जुड़ाव के लिए जाना जाता है. भारत के राजनीतिक व सामाजिक थिएटर में आज भी वे एक महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं. सफदर की एक जनवरी 1989 में साहिबाबाद में एक नुक्कड़ नाटक हल्ला बोल खेलते हुए हत्या कर दी गयी थी. सितार गुरु प्रवीर ने सफदर के जीवन से परिचय कराया. दशरथ, अभिनंदन व रंजन ने अपने विचार रखे. सितार गुरु प्रवीर ने सफदर हाशमी के परिचय का पाठ किया. रंगकर्मी रितेश रंजन ने सफदर के नाटक राजा का बाजा का पाठ किया. डॉ चैतन्य ने कहा कि व्यक्ति का मर जाना और विचार का जिंदा रह जाना, शहीद भगत सिंह व सफदर हाशमी से सीखने की जरूरत है. उदय चटर्जी ने हबीब के आलेख को पढ़ा. इप्टा के पूर्व सचिव संजीव कुमार दीपू ने सफदर हाशमी के विचारों पर उनके नाटकों के बारे मे अपनी बात रखी. राजेश झा ने कहा कि सफदर हाशमी की रचना पर आधारित नाटक का मंचन हर माह करेंगे. कपिलदेव रंग ने कहा कि नुककड़ नाटक को बढ़ावा देने की जरूरत है. प्रेम सागर, साहिल राज एवं सौमित्र भी विचार गोष्ठी में उपस्थित थे. ——– पुण्यतिथि पर याद किये गये रंगकर्मी सफदर हाशमी साहित्य सफर की ओर से शिक्षण संस्थान में नाटककार सफदर हाशमी को पुण्यतिथि पर याद किया गया. अध्यक्षता संस्था के संस्थापक जगतराम साह कर्णपुरी ने की. रंजन कुमार राय, प्रकाश कुमार, शिवम कुमार, राजीव रंजन, राजेश कुमार, हिमांशु शेखर, प्रेम कुमार प्रिय, गोपाल जी, अजय शंकर प्रसाद, श्रवण कुमार ने श्रद्धांजलि दी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By NISHI RANJAN THAKUR

NISHI RANJAN THAKUR is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >