Bhagalpur news विशुआ के दूसरे दिन जियछ पोखर में उमड़ा जनसैलाब
विशुआ पर्व के दूसरे दिन बुधवार को रेलवे लाइन के पार स्थित जियछ पोखर और जियछ माता मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा.
विशुआ पर्व के दूसरे दिन बुधवार को रेलवे लाइन के पार स्थित जियछ पोखर और जियछ माता मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा. सुबह से ही हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचकर पोखर में स्नान कर मां जियछ की पूजा-अर्चना करते नजर आये. श्रद्धालुओं ने जियछ पोखर में स्नान कर जल को अपने चेहरे और शरीर पर लगाया. मान्यता के अनुसार इस पवित्र जल का स्पर्श करने से वर्ष भर रोगों से मुक्ति मिलती है. इसी आस्था के चलते दूर-दराज से लोग यहां पहुंचते हैं. भक्तों का विश्वास है कि सच्चे मन से मांगी गयी हर मुराद यहां पूरी होती है. यही वजह है कि विशुआ के दूसरे दिन यहां विशेष भीड़ जुटती है और पूरा इलाका मेले में तब्दील हो जाता है. मेले में श्रद्धालु अपने बच्चों का मुंडन संस्कार कराते हैं. ठाकुर गोपाल ठाकुर, प्रदीप कुमार ठाकुर और पवन कुमार ठाकुर ने मुंडन कराया.
स्नान-पूजन कर मां से मांगा आशीर्वाद
श्रद्धालुओं ने जियछ पोखर में स्नान कर मां जियछ की पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए आशीर्वाद मांगा. पुजारी अशोक राम ने बताया कि यहां आने वाले श्रद्धालु सच्चे मन से पूजा-अर्चना करते हैं और उनकी मुरादें अवश्य पूरी होती हैं. इसी विश्वास के चलते हर वर्ष विशुआ पर्व के बाद काफी संख्या में लोग जुटते हैं.
पुजारी परिवार ने संभाली सेवा व्यवस्था
मंदिर की पुजारिन मां श्यामा देवी के निधन के बाद उनके पुत्र-पुत्री पुजारी अशोक कुमार, शंभु कुमार, पुरुषोत्तम कुमार, अखिलेश कुमार और ममता कुमारी श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे रहे. जियछ पोखर और जियछ माता मंदिर में विशुआ पर्व का यह आयोजन आस्था का केंद्र है, लोकविश्वास और परंपरा की जीवंत पहचान बनकर उभर रहा है.
भक्ति भाव से हुआ घाटो-घंटेसर विसर्जन
विशुआ पर्व के उपरांत बुधवार को जियछ पोखर माता रानी के प्रांगण में घाटो-घंटेसर का विसर्जन भक्ति भाव से संपन्न हुआ. इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटे, जिससे पूरे क्षेत्र में मेले जैसा दृश्य देखने को मिला.जियछ पोखर में घाटो-घंटेसर विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ और भक्ति का उत्साह दिखा.