Bhagalpur News. पुलिस केंद्र में बनेगा मॉडल ट्रेनिंग भवन, कक्षा के लिए अब नहीं भटकेंगे जवान

पुलिस प्रशिक्षण के लिए बनेगा भवन.

-3.64 करोड़ से जी प्लस वन भवन में बनेंगे, 39-39 क्षमता के तीन मॉडल क्लास रूम होंगे

-पुलिस बलों को एकीकृत और व्यवस्थित तरीके से मिल सकेगा प्रशिक्षण

ब्रजेश, भागलपुरभागलपुर में पुलिस बलों के प्रशिक्षण के लिए स्थायी और आधुनिक व्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. अब प्रशिक्षण के लिए अलग-अलग स्थानों पर कक्षाएं खोजने की जरूरत नहीं पड़ेगी. पुलिस प्रशासन को 39-39 क्षमता वाले तीन मॉडल ट्रेनिंग क्लास रूम की स्वीकृति मिल गयी है. यह भवन जी प्लस वन स्वरूप में बनाया जायेगा. वर्तमान में पुलिस बलों की संख्या अधिक होने के कारण प्रशिक्षण टुकड़ों में आयोजित करना पड़ता है, जिससे एक ही प्रशिक्षण कार्यक्रम कई दिनों तक चलता रहता है और समेकित रूप से संचालन में कठिनाई होती है.

आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा प्रशिक्षण केंद्र

प्रस्तावित भवन में आधुनिक प्रशिक्षण आवश्यकताओं के अनुरूप बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करायी जायेंगी. मॉडल ट्रेनिंग क्लास रूम तैयार होने के बाद प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार आयेगा और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में दक्षता और बढ़ेगी.

बदलती पुलिसिंग में तकनीकी प्रशिक्षण की बढ़ी जरूरत

वर्तमान पुलिसिंग में तकनीक की भूमिका लगातार बढ़ रही है. कानून में समय-समय पर हो रहे बदलाव, साइबर अपराधों में वृद्धि, मानवाधिकार और बाल अधिकार से जुड़े मामलों में संवेदनशील व तटस्थ कार्रवाई के लिए पुलिस कर्मियों को नियमित प्रशिक्षण की आवश्यकता पड़ती है. पिछले पांच वर्षों में जिला पुलिस द्वारा विभिन्न विषयों पर कई प्रशिक्षण शिविर आयोजित किये गये हैं. साइबर एक्सपर्ट की बढ़ती उपयोगिता और आधुनिक जांच पद्धति को देखते हुए प्रशिक्षण का दायरा भी व्यापक हुआ है.

20 जनवरी को भागलपुर और बांका के अवर निरीक्षकों के लिए आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम डीआरडीए परिसर में संचालित किया गया था. हालांकि समय-समय पर ललमटिया स्थित सीटीएस प्रशिक्षण केंद्र का भी उपयोग किया जाता है, लेकिन यह केंद्र शहर से दूर होने के कारण दैनिक प्रशिक्षण के लिए असुविधाजनक साबित होता है. पुलिस केंद्र परिसर में आधुनिक और सुविधाजनक प्रशिक्षण हॉल बन जाने के बाद अधिकारियों और जवानों को काफी सहूलियत मिलेगी. इससे समय की बचत होगी, संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव होगा और नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रमों का संचालन भी सुचारु रूप से किया जा सकेगा.

कई तरह के मिलते हैं प्रशिक्षण

-वास्तविक और व्यावहारिक प्रशिक्षण.

-अत्याधुनिक तकनीक और सुविधाओं से लैस.

-अपराध जांच और तकनीक में सुधार.

-बेहतर व्यवहार और कम्युनिटी पुलिसिंग.

-परिदृश्य-आधारित प्रशिक्षण.

-स्थायी और निरंतर शिक्षा.

-टीम भावना और कौशल विकास

03 करोड़ 64 लाख 19 हजार 100 रुपये से बनेगा मॉडल पुलिस ट्रेनिंग भवन

पुलिस ट्रेनिंग भवन पुलिस केंद्र में बनेगा और इसके निर्माण पर 03 करोड़ 64 लाख 19 हजार 100 रुपये खर्च होंगे. निर्माण के लिए एजेंसी का चयन 22 अप्रैल के बाद हो जायेगा. चयनित एजेंसी को 12 माह के अंदर भवन निर्माण कार्य पूर्ण करना अनिवार्य होगा.

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By KALI KINKER MISHRA

KALI KINKER MISHRA is a contributor at Prabhat Khabar.

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