स्मार्ट सिटी योजना से फुटपाथ से अतिक्रमण हटा कर फुटकर विक्रेताओं को स्मार्ट बनाने की योजना फ्लाॅप होती लगती है. दरअसल मायागंज अस्पताल या मोक्षदा स्कूल समीप के स्मार्ट कियोस्क में अपनी दुकान सजाने की बजाय लोगों ने अपना घर बसा लिया है. दूसरी तरफ फुटपाथ पर दुकानदारों का अतिक्रमण रहता है. स्मार्ट सिटी लिमिटेड की ओर से 1.30 करोड़ की लागत से मायागंज अस्पताल के बगल में 26, मोक्षदा स्कूल के बगल में 17 व लाजपत पार्क के बगल में 16 में कियोस्क का निर्माण कराया गया. इस स्मार्ट कियोस्क का आवंटन भी किया गया. किसी दुकानदार ने कियोस्क को झोपड़ी का रूप दे दिया तो किसी ने काले पॉलीथिन से ढक कर आगे लकड़ी का बड़ा दरवाजा तक लगा दिया है. इसको नियंत्रित करने वाला कोई नहीं है. स्मार्ट सिटी योजना के तहत बड़ी संख्या में स्मार्ट कियोस्क बने. आवंटित भी हुए. लेकिन इनमें से कई खाली हैं. उसके आसपास ठेले पर सड़क किनारे दुकानें लगायी जा रही हैं. स्मार्ट सिटी लिमिटेड की योजना थी कि सड़क किनारे लगने वाली दुकानें कियोस्क में लगे ताकि सड़क किनारे वाली जगह अतिक्रमित न हो. कहते हैं स्थानीय पार्षद वार्ड 20 के पार्षद नंदिकेश शांडिल्य ने बताया कि इसे लेकर नगर निगम सामान्य बोर्ड की बैठक में उठाया जायेगा. स्मार्ट कियोस्क को रोजगार करने के लिए उपलब्ध कराया गया है. यहां तो पूरा घर ही बसा लिया गया. फुटपाथ पूरी तरह अतिक्रमित कर लिया गया है. ऐसे में सड़क पर जाम लगने लगता है.
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