Bhagalpur news नवादा पंचायत में स्वच्छता मॉडल का किया निरीक्षण

नवादा पंचायत स्थित वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट (डब्ल्यूपीयू) उस समय चर्चा का केंद्र बन गया, जब लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (भारत सरकार), मसूरी के निदेशक राम तरणिकांति ने जिले के वरीय अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया.

लोहिया स्वच्छता अभियान के तहत रविवार को नवादा पंचायत स्थित वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट (डब्ल्यूपीयू) उस समय चर्चा का केंद्र बन गया, जब लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (भारत सरकार), मसूरी के निदेशक राम तरणिकांति ने जिले के वरीय अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया. निरीक्षण में उन्होंने कचरा प्रबंधन, साफ-सफाई, रख रखाव और रिसाइक्लिंग व्यवस्था को नजदीक से देखा और आवश्यक दिशा-निर्देश दिये. निरीक्षण के क्रम में निदेशक ने अधिकारियों से कार्यप्रणाली की जानकारी ली. स्वच्छता कर्मियों से सीधे संवाद कर जमीनी हकीकत जानी. डब्ल्यूपीयू के सामने गंदगी देख उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि गांव को स्वच्छ रखने के लिए जन-जागरूकता सबसे जरूरी है. कचरे से दुर्गंध नहीं आने को लेकर पूछे गये सवाल पर कर्मियों ने बताया कि कचरे का वैज्ञानिक तरीके से संग्रह और प्रोसेसिंग की जा रही है. निदेशक ने डब्ल्यूपीयू के मेंटेनेंस सिस्टम की सराहना की. निरीक्षण में उन्होंने मुखिया प्रतिनिधि को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा, लीडर वही होता है, जो जनता को सही दिशा दिखाये. उन्होंने कचरा उठाव में लगे ई-रिक्शा और पैडल रिक्शा का निरीक्षण किया. निदेशक ने कचरा संग्रह की पूरी प्रक्रिया, उससे बनने वाली खाद और उसके उपयोग की जानकारी ली. उन्होंने घर-घर से सूखा और गीला कचरा अलग-अलग उठाने की व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर जोर दिया. स्वच्छता कर्मियों ने बताया कि सबसे बड़ी समस्या यह है कि लोग अब भी डस्टबिन की जगह खुले में कचरा फेंक देते हैं. इस पर निदेशक ने कहा कि गांव को स्वच्छ और सुंदर बनाने में हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है. निरीक्षण में यह भी सामने आया कि डब्ल्यूपीयू परिसर तो साफ-सुथरा है, लेकिन आसपास कुछ स्थानों पर कचरा फैला है. निदेशक ने सख्त निर्देश दिया कि इन स्थानों पर कभी भी कचरा न जलाया जाए. मुखिया प्रतिनिधि ने बताया कि नवादा पंचायत नौ वार्डों वाला पंचायत है और दो वर्ष पूर्व यहां डब्ल्यूपीओपी की स्थापना की गयी थी. यूनिट में 14 लेयर में कचरा संग्रह की व्यवस्था है, जिसमें फिलहाल 12 लेयर तक कचरा जमा हो चुका है. इसके बाद खाद निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाती है.निरीक्षण के उपरांत मुखिया प्रतिनिधि ने निदेशक को अंगवस्त्र व बुके भेंट कर सम्मानित किया. मौके पर डीडीसी प्रदीप कुमार सिंह, सदर एसडीओ विकास कुमार, डीआरडीए निदेशक, जिला समन्वयक, एसी, बीडीओ संजीव कुमार, थानाध्यक्ष मृत्युंजय कुमार, प्रखंड स्वच्छता समन्वयक सहित काफी संख्या में स्वच्छता कर्मी मौजूद थे.

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By JITENDRA TOMAR

JITENDRA TOMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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