भागलपुर से दीपक राव की रिपोर्ट:
Indian Science Fiction Novel: सन्हौला प्रखंड के भट्टाचक गांव निवासी और पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर चंदन गुंजन अपनी नई पुस्तक ‘ब्रह्मांड के फूफाजी: फ्रॉम जमुई टू जुपिटर’ को लेकर चर्चा में हैं. देसी परिवेश, मानवीय संवेदनाओं और आधुनिक तकनीक के अनूठे मिश्रण से सजी इस साइंस-फिक्शन पुस्तक ने ऑनलाइन साहित्यिक जगत में पाठकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है.
साइंस-फिक्शन में देसी संस्कृति का अनोखा संगम
चंदन गुंजन की यह पुस्तक पारंपरिक साइंस-फिक्शन से अलग एक सांस्कृतिक प्रयोग के रूप में सामने आई है. कहानी में विज्ञान और अंतरिक्ष की कल्पनाओं के साथ भारतीय ग्रामीण जीवन, लोक संस्कृति और देसी हास्य का समावेश किया गया है. लेखक ने ऐसे कथानक का निर्माण किया है, जहां आधुनिक तकनीक और गांव की सहजता एक साथ दिखाई देती है.
साहित्य और रंगमंच से रहा गहरा जुड़ाव
भागलपुर की साहित्यिक एवं सांस्कृतिक धरती पर पले-बढ़े चंदन गुंजन को बचपन से ही किताबें पढ़ने और कहानियां सुनने का शौक रहा है. छात्र जीवन के दौरान उन्होंने शहर की विभिन्न रंग संस्थाओं के साथ जुड़कर कई नुक्कड़ नाटकों में सक्रिय भूमिका निभाई. रंगमंच के अनुभव ने उनके भीतर के कथाकार और संवाद लेखक को नई दिशा दी.
आईटी सेक्टर में रहते हुए भी नहीं छोड़ा लेखन
रोजगार के सिलसिले में चंदन गुंजन आईटी सेक्टर से जुड़े और देश-विदेश की कई प्रतिष्ठित कंपनियों के लिए काम किया. कोडिंग, एल्गोरिदम और तकनीकी दुनिया की व्यस्तताओं के बीच भी उन्होंने अपनी साहित्यिक यात्रा को जारी रखा. उनकी लेखनी की सबसे बड़ी विशेषता तकनीकी विषयों को सरल, मानवीय और देसी अंदाज में प्रस्तुत करना है.
‘अक्स का एल्गोरिदम’ ट्रिलॉजी भी लिख चुके हैं लेखक
‘ब्रह्मांड के फूफाजी’ से पहले चंदन गुंजन तकनीकी पृष्ठभूमि पर आधारित अपनी चर्चित ट्रिलॉजी ‘अक्स का एल्गोरिदम’ भी लिख चुके हैं. उनकी रचनाओं में विज्ञान, तकनीक और सामाजिक जीवन के विभिन्न पहलुओं का रोचक समावेश देखने को मिलता है.
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर मिल रही सकारात्मक प्रतिक्रिया
लेखक की नई पुस्तक को ऑनलाइन पाठकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है. साहित्य प्रेमी इसे देसी संवेदनाओं और आधुनिक विज्ञान की दुनिया को जोड़ने वाला एक नया और प्रयोगधर्मी प्रयास मान रहे हैं.
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