पेंडिंग रिजल्ट सुधारने का निर्देश, नहीं तो होगी कार्रवाई

टीएमबीयू में स्नातक सेमेस्टर वन में 10 फीसदी छात्रों का रिजल्ट पेंडिंग हुआ है. इसके सुधार को लेकर बुधवार को कुलपति के आवासीय कार्यालय में वीसी प्रो जवाहर लाल की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक की गयी. इसमें पेंडिंग रिजल्ट से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर मंथन किया गया. इस बाबत विवि प्रशासन ने सभी अंगीभूत व संबद्ध प्राचार्यों को हिदायत देते हुए निर्देश जारी किया है.

टीएमबीयू में स्नातक सेमेस्टर वन में 10 फीसदी छात्रों का रिजल्ट पेंडिंग हुआ है. इसके सुधार को लेकर बुधवार को कुलपति के आवासीय कार्यालय में वीसी प्रो जवाहर लाल की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक की गयी. इसमें पेंडिंग रिजल्ट से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर मंथन किया गया. इस बाबत विवि प्रशासन ने सभी अंगीभूत व संबद्ध प्राचार्यों को हिदायत देते हुए निर्देश जारी किया है. उन्होंने 20 मई तक पेंडिंग खत्म करने की सीमा तय करने का निर्देश दिया. पेंडिंग कार्य में सहयोग नहीं करनेवालों के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की जायेगी. तीन वर्षीय स्नातक की निर्धारित वर्ष के बाद नहीं होगी परीक्षा सभी अंगीभूत व संबद्ध कॉलेजों के प्राचार्यों से कहा है कि स्नातक ओल्ड कोर्स की बची हुई परीक्षा में निर्धारित वर्ष 2027 के बाद छात्रों को अवसर प्रदान नहीं किया जायेगा. परीक्षा नियंत्रक डॉ आनंद कुमार झा ने पत्र में कहा कि तीन वर्षीय स्नातक सत्र 2020-23 की 2025 तक, सत्र 2021-24 की 2026 तक व सत्र 2022-25 की अंतिम परीक्षा 2027 तक ही ली जायेगी. उक्त वर्ष के बाद कोई परीक्षा नहीं होगी. पत्र में सभी कॉलेजों के प्राचार्यों से कहा कि स्नातक चार वर्षीय कोर्स के तहत सत्र 2023-27 सेमेस्टर वन के एमएसइ के पेंडिंग केस के आवेदन छात्रों से प्राप्त करें. उसके टीआर की छायाप्रति पर लाल रंग के कलम से अंकित कर 20 मई तक प्रतिदिन विवि के परीक्षा विभाग को उपलब्ध करायें. इसके अलावा सेमेस्टर वन के इएसइ के पेंडिंग केस के छात्रों के आवेदन को उनके टीआर के साथ एमजेसी, एमआइसी व एमडीसी के लिए बनाये गये मूल्यांकन केंद्र मारवाड़ी कॉलेज को उपलब्ध करायें, जबकि एइसी, एसइसी व वीएसी के छात्रों के पेंडिंग रिजल्ट से जुड़े मामले बीएन कॉलेज मूल्यांकन केंद्र भेजें. दोनों मूल्यांकन सेंटरों के निदेशक जांच की गयी कॉपी के आधार पर टीआर में सुधार कर प्रतिदिन परीक्षा विभाग को उपलब्ध करायेंगे. परीक्षा नियंत्रक ने कहा कि स्नातक सेमेस्टर टू के एमएसइ के मार्क्स शीट 20 मई तक परीक्षा विभाग को निश्चित रूप से उपलब्ध करायें. निर्देश दिया है कि सेमेस्टर वन का पेंडिंग रिजल्ट हरहाल में 20 मई तक निष्पादन करें. विवि से जारी निर्देश का अनुपालन नहीं करने पर इसकी सारी जबावदेही संबंधित कॉलेजों के प्राचार्य की होगी. ऐसे में उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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