रंगरा प्रखंड के झल्लुदास टोला स्थित गंगा नदी घाट और परबत्ता थाना क्षेत्र के महादेवपुर घाट पर लगातार हो रही घटनाएं अब सीधे-सीधे प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा कर रही हैं. सवाल यह उठता है कि आखिर और कितनी जान जाने के बाद जिम्मेदारों की नींद खुलेगी? इन घाटों पर प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए पहुंचते हैं. आवागमन आसान होने के कारण दूर-दराज से भी लोग यहां आते हैं. इसके बावजूद सुरक्षा के नाम पर यहां लगभग शून्य व्यवस्था है. न तो घाट पर सुरक्षित ढलान (स्लोप) तैयार किया गया है, न ही किसी प्रकार की बैरिकेडिंग की गई है. ऐसे में अचानक गहराई वाले स्थानों पर लोग अनजाने में पहुंच जाते हैं और हादसे के शिकार हो जाते हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है. पहले भी इस तरह के हादसे हो चुके हैं, लेकिन हर बार केवल संवेदना और आश्वासन ही मिलता है, ठोस कार्रवाई नहीं. अगर समय रहते प्रशासन ने सतर्कता दिखाई होती, तो शायद कई जिंदगियां बचाई जा सकती थीं. सबसे हैरानी की बात यह है कि खतरनाक घाटों को चिह्नित करने तक की जहमत नहीं उठाई गई है. कम से कम चेतावनी बोर्ड, गहराई की जानकारी या खतरनाक क्षेत्रों की निशानदेही भी नहीं है, जिससे बाहरी लोग पूरी तरह अनजान रहते हैं और सीधे जोखिम में चले जाते हैं. अगर अब भी प्रशासन नहीं चेता, तो यह लापरवाही आगे भी कई परिवारों को उजाड़ सकती है. दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया झल्लुदास टोला स्थित विषहरी गंगा घाट पर गंगा स्नान के दौरान हुए एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया. मुंडन जैसे शुभ अवसर पर पहुंचा एक परिवार देखते ही देखते गहरे सदमे में चला गया, जब एक ही परिवार के तीन सदस्यों की गंगा में डूबने से मौत हो गई. मृतकों में मधेपुरा जिला के भटगामा निवासी कुमोद यादव के पुत्र गौरव कुमार, पुत्री साक्षी कुमारी और उनकी बहन मौनी कुमारी शामिल हैं. बताया जाता है कि परिवार मुंडन संस्कार के लिए गंगा घाट आया था. अनुष्ठान के पश्चात गंगा नदी में सभी लोग स्नान कर रहे थे. इसी दौरान डूबने से तीनों की मौत हो गई. घटना की जानकारी मिलते ही बिनोद कुमार, राजकुमार रजक और भी गांव के कई लोग मौके पर पहुंच कर शव को खोजने में काफी मदद की.
bhagalpur news. प्रशासन की लापरवाही से और कितने लोगों की जायेगी जान
रंगरा प्रखंड के झल्लुदास टोला स्थित गंगा नदी घाट और परबत्ता थाना क्षेत्र के महादेवपुर घाट पर लगातार हो रही घटनाएं अब सीधे-सीधे प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा कर रही हैं
