Bhagalpur_news आम तोड़ने के विवाद के बाद मामले की जांच करने पहुंचे डीएसडब्लयू

आम तोड़ने के विवाद के बाद मामले की जांच करने पहुंचे डीएसडब्लयू

टीएमबीयू में दो महिला छात्रावासों के बीच आम तोड़ने को लेकर हुए विवाद और आरोप-प्रत्यारोप के मद्देनजर डीएसडब्ल्यू डाॅ विजेंद्र कुमार ने छात्रावासों का औचक निरीक्षण किया. इस क्रम में डीएसडब्लयू ने संबंधित लोगों को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि छोटी-छोटी बातों को लेकर हो रहे विवाद के कारण विश्वविद्यालय की क्षवि धूमिल होती है, इसलिए इस तरह की हरकत कतई न करें. मालूम हो कि आम तोड़ने को लेकर विवाद के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पक्ष पर कई तरह के आपत्तिजनक आरोप लगाते हुए आवेदन दिया था. उक्त आवेदनों को भी डाॅ विजेंद्र ने ध्यान में रखते हुए छात्रावासों की जांच की. उन्होंने जांच के बाद प्रभात खबर को बताया कि दोनों ने एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगाया है, जिसे हल्के में नहीं लिया जा सकता है. ऐसी स्थिति में सामने आये आरोपों की सत्यता का पता लगाने के लिए कमेटी का गठन किया जाएगा और मामले में अगर कोई दोषी पाये गये तो उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

कोई भी मिलने आये छात्रावास, तो लिखें पूर्ण ब्यौरा

डीएसडब्ल्यू ने संबंधित लोगों और गार्ड को स्पष्ट आदेश दिया कि अगर कोई भी छात्रावास में छात्राओं से मिलने आता है तो उसका पूर्ण ब्यौरा लिखें. किन-किन छात्राओं से कौन लोग मिलने आ रहे हैं, इसकी जानकारी यहां के संबंधित और समक्ष लोग रखें. अगर कोई गड़बड़ी सामने आये तो तुरंत वरीय अधिकारियों को सूचित करें. उन्होंने कहा कि वे भी बीच-बीच में आ कर पंजी का अवलोकन करेंगे.

मानसून को लेकर किया संसाधनों का निरीक्षण

डीएसडब्ल्यू ने हॉस्टल नंबर 2 से निरीक्षण की शुरुआत की थी. इसके बाद बारी-बारी से अन्य हॉस्टलों में जाकर वहां चल रहे रिपेयरिंग कार्य को देखा. डीएसडब्ल्यू ने काम कर रहे संवेदकों के प्रतिनिधियों से कहा कि मानसून से पहले वे लोग भवन रिपेयरिंग का काम पूरा कर लें, ताकि बारिश होने के बाद भवन से पानी टपकने की शिकायत कहीं से न मिलें.यह निरीक्षण कुलपति प्रो जवाहर लाल के निर्देश के बाद हो रहा है. उन्होंने ऑनलाइन मीटिंग कर सभी हॉस्टलों में व्याप्त समस्याओं के बारे में जानने को कहा था. डीएसडब्लयू ने निरीक्षण के दौरान कुछ हॉस्टलों के छात्राओं से भी बात की. उनसे हॉस्टल की समस्याओं के बारे में जानकारी ली. हॉस्टल नंबर 2 में खाली पड़े मेस को देख उन्होंने कहा कि यदि यह छात्राओं के लिए शुरू हो जाता है तो काफी बेहतर होगा.

टूटी बाउंड्री को लेकर सख्त दिखे

छात्रावासों में बेड की कमी की बात सामने आयी. जिसके लिए डीएसडब्ल्यू ने मौके पर संबंधित अधिकारियों को बेड की आपूर्ति करने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया. निरीक्षण के क्रम में हॉस्टल की टूटी हुई दीवार को देखने के लिए डीएसडब्ल्यू पहुंचे. उन्होंने यह देख काफी निराशा जाहिर की. डॉ बिजेंद्र ने इस सिलसिले में कुलसचिव डॉ विकास चंद्र से मुलाकात की. इस पर कुलसचिव से कहा कि टूटी हुई बाउंड्री काफी गंभीर मुद्दा है. यदि इसे नए सिरे से नहीं बनाया जाता है तो कभी भी हॉस्टल में बड़ी घटना से इंकार नहीं किया जा सकता है. इसे लेकर कुलसचिव से जल्द संबंधित फाइल आगे बढ़ाने को कहा.

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Published by: Prabhat khabar news desk

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