Ganga Water Level News : सोमवार सुबह 6 बजे जारी बाढ़ नियंत्रण विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक नवगछिया अनुमंडल के विभिन्न गंगा घाटों पर जलस्तर में उतार-चढ़ाव देखा गया है. कुछ स्थानों पर नदी का पानी तटबंध के तल (टो) तक पहुंच गया है, लेकिन विभाग ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल कहीं भी बाढ़ का खतरा नहीं है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है.
रघोपुर में सबसे अधिक 13 सेंटीमीटर बढ़ा जलस्तर
बाढ़ नियंत्रण विभाग के अनुसार रघोपुर स्थित काजीकोरैया-रघोपुर मार्जिनल बांध पर गंगा का जलस्तर 30.55 मीटर दर्ज किया गया, जो पिछले 24 घंटे में 13 सेंटीमीटर बढ़ा है. इसके बावजूद जलस्तर चेतावनी स्तर 32.68 मीटर से 2.13 मीटर नीचे है. यहां नदी का पानी तटबंध के तल को छू रहा है, लेकिन तटबंध पूरी तरह सुरक्षित बताया गया है और अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं.
इस्माईलपुर-बिंदटोली और जेबी चोरहर पर भी निगरानी तेज
इस्माईलपुर-बिंदटोली (स्पर-07) पर जलस्तर 29.46 मीटर दर्ज किया गया, जहां 8 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है. यह चेतावनी स्तर 30.60 मीटर से अभी 1.14 मीटर नीचे है. यहां भी नदी का पानी तटबंध के तल तक पहुंच चुका है, लेकिन स्थिति नियंत्रण में है. वहीं जेबी चोरहर साइट पर जलस्तर 30.30 मीटर दर्ज किया गया, जो 5 सेंटीमीटर घटा है और चेतावनी स्तर से 47 सेंटीमीटर नीचे बना हुआ है. बागजान जमींदारी बांध के कई हिस्सों में भी नदी का पानी तटबंध के तल को छू रहा है, फिर भी तटबंध पूरी तरह सुरक्षित हैं.
मदरौनी में जलस्तर घटा, खतरे जैसी कोई स्थिति नहीं
मदरौनी साइट पर जलस्तर 29.32 मीटर दर्ज किया गया, जो पिछले दिन की तुलना में 3 सेंटीमीटर कम है. यहां नदी का पानी अभी तटबंध के तल तक नहीं पहुंचा है और सुरक्षा की दृष्टि से स्थिति सामान्य बनी हुई है. विभाग का कहना है कि इस क्षेत्र में फिलहाल किसी तरह की चिंता की बात नहीं है.
बाढ़ नियंत्रण विभाग की 24 घंटे निगरानी जारी
बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गंगा नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है. सभी संवेदनशील तटबंधों की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है और आवश्यक संसाधन पहले से तैनात हैं. फिलहाल किसी भी स्थान पर खतरे जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन जलस्तर में हो रहे बदलाव को देखते हुए विभाग पूरी तरह सतर्क है.
