भागलपुर जिले के नवगछिया अनुमंडल क्षेत्र में गंगा और कोसी नदियों के जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी हुई है. पिछले 24 घंटों के दौरान इस्माईलपुर-बिंदटोली में जहां गंगा के जलस्तर में आंशिक गिरावट देखी गई, वहीं राघोपुर इलाके में जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई है. दूसरी तरफ कोसी नदी के जलस्तर में भी हल्की कमी आई है. हालांकि कई महत्वपूर्ण स्थानों पर नदियों का उफनता पानी तटबंधों के 'टो' (निचले हिस्से) को छू रहा है, जिसको लेकर जल संसाधन विभाग पूरी तरह चौकन्ना है.
इस्माईलपुर-बिंदटोली और राघोपुर में गंगा नदी का हाल
जल संसाधन विभाग द्वारा 17 अगस्त की सुबह 6:00 बजे जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार इस्माईलपुर-बिंदटोली स्पर संख्या-07 पर गंगा का जलस्तर 30.31 मीटर दर्ज किया गया. पिछले 24 घंटों में यहां एक सेंटीमीटर की आंशिक कमी आई है. इस स्थल पर चेतावनी स्तर 30.60 मीटर और खतरे का लाल निशान 31.60 मीटर निर्धारित है. भले ही जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन नदी का पानी तटबंध के टो को स्पर्श कर रहा है. विभाग ने स्पर और तटबंध को पूरी तरह सुरक्षित बताया है. इसके विपरीत राघोपुर में गंगा का जलस्तर 31.27 मीटर दर्ज किया गया, जिसमें पिछले 24 घंटे में पांच सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है. यहां चेतावनी स्तर 32.68 मीटर और खतरे का स्तर 33.68 मीटर है. विभाग के अनुसार काजीकोरैया-राघोपुर मार्जिनल बांध सुरक्षित स्थिति में है, हालांकि बढ़ते पानी का दबाव तटबंध के निचले हिस्से पर बना हुआ है.
मदरौनी और जेबी चोरहर में कोसी के जलस्तर में कमी
कोसी नदी के जलस्तर में राहत भरी खबर देखने को मिली है. मदरौनी में कोसी का जलस्तर 29.87 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जिसमें पिछले 24 घंटे में आठ सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गई है. यहां चेतावनी स्तर 30.48 मीटर और खतरे का निशान 31.48 मीटर है. इस बिंदु पर नदी का पानी तटबंध के टो से दूर है और संरचना पूरी तरह सुरक्षित बताई गई है. वहीं जेबी चोरहर में कोसी नदी का जलस्तर 30.55 मीटर मापा गया, जो पिछले 24 घंटे में पांच सेंटीमीटर नीचे आया है. यहां चेतावनी स्तर 30.77 मीटर और खतरे का स्तर 31.77 मीटर है. बागजान जमींदारी बांध वर्तमान में पूरी तरह नियंत्रण में और सुरक्षित है, लेकिन कई संवेदनशील बिंदुओं पर नदी का पानी तटबंध के निचले छोर से टकरा रहा है.
तटबंधों पर 24 घंटे निगरानी रख रही तकनीकी टीम
चारों प्रमुख मापन स्थलों की वर्तमान स्थिति का विश्लेषण करने के बाद विभाग ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल क्षेत्र में किसी प्रकार के बड़े खतरे या बाढ़ की तत्काल आशंका नहीं है. नदियां चेतावनी और खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं, परंतु जलस्तर में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव और तटबंध के टो से पानी सटने के कारण कटाव का जोखिम बना रहता है. इसी को ध्यान में रखते हुए जल संसाधन विभाग के अभियंता और तकनीकी टीमें रात-दिन तटबंधों, स्परों और संवेदनशील स्लोप्स की सतत पेट्रोलिंग और निगरानी कर रही हैं.
