Bhagalpur News : बाढ़ पीड़ितों को नहीं करनी होगी चावल-आटे की फिक्र, खाली हाथ आयेंगे और घर जैसी सुविधा पायेंगे

बाढ़ पीड़ितों को इस बार राहत शिविर में रहने, खाने में कोई तकलीफ नहीं होगी. घर से भी बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करायी जायेगी.

बाढ़ पीड़ितों को इस बार राहत शिविर में रहने, खाने में कोई तकलीफ नहीं होगी. घर से भी बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करायी जायेगी. रहने के लिए अगर छत मिलेगा, तो खाने के लिए उत्तम किस्म की खाद्य सामग्रियां. चूढ़ा-मुढ़ी व सत्तू तो आम बात है, उन्हें खाने में पका हुआ भोजन और पीने के लिए मिनरल वाटर मिलेगा. बच्चे के लिए सीनेटरी पैड दिया जायेगा. दूध का पाउडर उपलब्ध रहेगा. साड़ी-ब्लॉज, पेटीकोट(निर्मित या रेडिमेड) सेनेटरी पैड, लूंगी, धोती, गंजी, गमछा, टी-शर्ट, बच्चे का कपड़ा तक मिलेगा. थाली, ग्याल, कटोरा, चम्मच, लोटा, बाल्टी, मग, आइना, तेल, कंघी सहित हर वह जरूरत का समान उपयोग करने के लिए मिलेगा, जो घरों में मिलता है. यही नहीं, मच्छर भगाने वाला अगरबत्ती, टूथपेस्ट, झाड़ू, सूप सभी सामान दिये जायेंगे. यानी, घर की तरह राहत शिविर में सुख-सुविधाएं मिलेंगी. यह एहसास नहीं होगा कि वह घर से बाहर और पीड़ित हैं.

खाद्य व राहत सामग्रियों के लिए बहाल किया जा रहा आपूर्तिकर्ता

विस्थापितों के लिए चलाये जाने वाले राहत शिविरों में आवासित व्यक्तियों के लिए भोजन बनाने के लिए खाद्य व अन्य राहत सामग्री उपलब्ध कराने वाले आपूर्तिकर्ता की बहाली की जा रही है. यह अलग बात है कि कोई एजेंसी या फर्म अथवा आपूर्तिकर्ता रूचि नहीं ले रही है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर लगातार कोशिश की जा रही है कि आपूर्तिकर्ता का किसी तरह से चयन कर लिया जाये. फिर से अल्पकालीन पुनर्निविदा आमंत्रित की है. यानी, आपूर्तिकर्ता से सीलबंद पुनर्निविदा प्राप्त करने के लिए तकनीकी एवं वित्तीय निविदा आमंत्रित किया गया है. यह अलग-अलग लिफाफे में होगी. निविदा दाखिल करने और खोलने की तिथि 10 जून है. वहीं, इसमें यह भी ऑप्शन रखा गया है कि अगर उक्त तिथि में कोई निविदा प्राप्त नहीं होती है, तो इच्छुक आपूर्तिकर्ता के लिए इसमें भाग लेने के लिए अगली तिथि 14 व 19 जून होगी. प्रशासनिक स्तर पर चल रही तैयारी को पूरी करने की हर संभव कोशिश की जा रही है.

चयनित आपूर्तिकर्ता को यह सामग्री उपलब्ध करानी होगी

अगर आपूर्तिकर्ता का चयन कर लिया जाता है, तो उनके लिए उत्तम किस्म की सामग्रियों को उपलब्ध करानी होगी. सामग्रियों में चूड़ा, मुढ़ी, गुड़, चना, चना सत्तू, चावल, दाल, आटा, सरसों तेल, मसाला, आलू, प्याज, लहसुन, साग-सब्जी, मिनरल वाटर (20 लीटर का जार), मिनरल वाटर, सोयाबीन, पाव रोटी, बिस्कुट, दूध पाउडर, सीनेटरी पैड (छह माह से 2 वर्ष के बच्चों के लिए) आयोडाइज्ड नमक, चीनी, माचिस (मिडिल साइज), मोमबत्ती, थैला (प्लास्टिक), सीमेंट की खाली बोरियां, सुतली, दरी, थाली, ब्लीचिंग पाउडर, वाइपर, लकड़ी (जलावन), साड़ी-ब्लॉज, पेटीकोट (निर्मित या रेडिमेड) सेनेटरी पैड, लूंगी, धोती, गंजी, गमछा, टी-शर्ट, बच्चे का कपड़ा(0-7 वर्ष), बच्चे का कपड़ा(7 से 14 वर्ष), कंघी, चादर, चटाई, मच्छरदानी, थाली, ग्याल, कटोरा व चम्मच, लोटा, बाल्टी, मग, आइना, तेल, साबुन, सर्फ, शैंपू, हैंडवास, सेनेटाइजर, मास्क, मच्छर भगाने वाला अगरवत्ती, टूथपेस्ट, झाड़ू, सूप (बांस व प्लास्टिक) व डस्टबीन शामिल है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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