कहलगांव कृषि कार्यालय में आत्मा भागलपुर के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में उर्वरकों के संतुलित उपयोग का प्रशिक्षण दिया गया. किसानों को उर्वरकों के असंतुलित उपयोग से उत्पन्न समस्याओं के प्रति जागरूक किया गया. उप परियोजना निदेशक बिपुल कुमार ने बताया कि यूरिया और डीएपी का अत्यधिक उपयोग मिट्टी में पोषक तत्वों के संतुलन को बिगाड़ रहा है, जिससे न केवल मिट्टी की उर्वरता प्रभावित हो रही है, बल्कि उर्वरकों की उपयोग दक्षता घट रही है. उन्होंने किसानों को मिट्टी परीक्षण आधारित उर्वरक उपयोग और फसल की आवश्यकता के अनुसार संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने की सलाह दी. अंधाधुंध यूरिया और डीएपी के बजाय एनपीके कॉम्प्लेक्स, एसएसपी, जैव उर्वरक, कार्बनिक खाद और सूक्ष्म पोषक तत्वों का उपयोग करने से मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार होता है और उत्पादन लागत घटती है. बीएओ प्रिया कुमारी ने जैविक और प्राकृतिक पद्धतियों के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला. सहायक तकनीकी प्रबंधक प्रीतम कुमार राय ने वर्मी कम्पोस्ट, वर्मी वाश, बीज उपचार, नीमास्त्र, जीवामृत और बीजामृत तैयार करने की विधि की जानकारी दी. कार्यक्रम में बीएओ स्वर्णलता, प्रखंड किसान सलाहकार समिति के अध्यक्ष, सदस्य, कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार और प्रगतिशील किसान लक्ष्मी देवी, कल्पना देवी, श्वेता संगम, अंजू कुमारी, शोभकांत पटेल सहित सैकड़ों किसान उपस्थित थे.
Bhagalpur news किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग तथा मिट्टी परीक्षण का मिला प्रशिक्षण
कहलगांव कृषि कार्यालय में आत्मा भागलपुर के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में उर्वरकों के संतुलित उपयोग का प्रशिक्षण दिया गया.
