-शवदाह गृह को चालू कराने की कवायद शुरू, निगम ने तैयार किया 33 लाख का एस्टिमेटब्रजेश, भागलपुरबरारी श्मशान घाट पर करीब दो माह से बंद विद्युत शवदाह गृह फिर चालू होगा. नगर निगम ने इस दिशा में प्रक्रिया शुरू कर दी है. एजेंसी बहाल कर शवदाह गृह में लगे उपकरणों की मरम्मत करायेगा. इधर, श्मशान घाट पर डेथ सर्टिफिकेट डेस्क स्थापित करने के फैसले को निरस्त कर दिया गया है. 23 दिसंबर को स्थायी समिति की बैठक में यह फैसला लिया गया था. बताया गया था डेस्क की स्थापना के बाद श्मशान घाट में संस्कार करने वालों को तत्काल डेथ सर्टिफिकेट मिल जायेगा. फैसले के निरस्त होने की वजह बताया जा रहा है कि इस तरह का प्रावधान गाइडलाइन में नहीं है. लोगों को डेथ सर्टिफिकेट के लिए नगर निगम कार्यालय ही आना पड़ेगा.
पंखे व क्वाइल बदलने के बाद चालू हो जायेगा शवदाह गृह
शवदाह गृह का आइडी फैन पूरी तरह टूट चुका है, जिससे पूरा सिस्टम ही पिछले दो माह से ठप है. छह क्वाइल में से चार जल चुकी है. आइडी फैन खराब हो चुका है. धुआं बाहर नहीं निकल पाने से सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव पड़ा. इसी वजह से क्वाइल अधिक गर्म होकर जल गयी. एजेंसी से करार खत्म हो जाने के कारण निगम प्रशासन ने इस पर ध्यान ही नहीं दिया. लेकिन अब नगर निगम ने उपकरणों की मरम्मत से संबंधित एस्टिमेट तैयार कर लिया है. साथ ही निविदा की सूचना भी जारी करने के लिए फाइल भी तैयार कर ली है, इस कार्य पर करीब 33 लाख रुपये खर्च किये जायेंगे. शवदाह गृह चालू होने के बाद अगले पांच वर्षों के लिए यह निजी एजेंसी के हवाले चला जायेगा. इसके संचालन और रखरखाव पर हर माह 1.45 लाख रुपये खर्च होगा.
शुल्क :
शवदाह के लिए निर्धारित शुल्क : 1100 रुपये (सामान्य वर्ग)शवदाह के लिए निर्धारित शुल्क : 500 रुपये (बीपीएल)कोट
श्मशान घाट पर पर डेथ सर्टिफिकेट निर्गत करने के लिए डेस्क नहीं बनेगा. क्योंकि यह गाइडलाइन में नहीं है. सिर्फ नगर कार्यालय में यह सुविधा मिलेगी.
विकास हरि, जन्म-मृत्यु शाखा प्रभारीनगर निगम, भागलपुरडिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
