नवम दीक्षांत समारोह में राज्यपाल की उपस्थिति में कुलपति ने विवि के भविष्य को कार्यों को बताया-कुलपति ने विद्यार्थियों को राष्ट्र व समाज के प्रति समर्पण की शपथ दिलाई
बीएयू के नौवें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल बिहार सह कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन की अध्यक्षता में कुलपति डॉ डीआर सिंह विश्वविद्यालय की उपलब्धियों को गिनाते हुए भविष्य के कार्यक्रमों को बताया. उन्होंने कहा कि बीएयू का लक्ष्य विद्यार्थियों व किसानों की उन्नति के साथ देश की समृद्धि है.
इससे पहले कुलपति ने राज्यपाल सैयद अता हसनैन का पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया. राज्यपाल ने शुरूआत में विश्वविद्यालय में निर्मित स्विमिंग पूल का उद्घाटन किया तथा एक पौधा मां के नाम लगाया. वह विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित शोभायात्रा में शामिल हुए. दीक्षांत समारोह कर्पूरी सभागार में हुआ. यहां बतौर मुख्य अतिथि राज्यपाल का स्वागत सिंदूर का पौधा, मंजूषा पेंटिंग,अंग वस्त्र एवं विश्वविद्यालय द्वारा तैयार किये गये घड़ी से किया. कुलपति डॉ डी आर सिंह ने अपने संबोधन में विश्वविद्यालय की शैक्षणिक अनुसंधान एवं विस्तार गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की. उन्होंने विद्यार्थियों को राष्ट्र एवं समाज के प्रति समर्पण की शपथ दिलाई.कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय वर्क इज वर्शिप एवं वर्क दी इस्माइल जैसे सिद्धांत पर कार्य करते हुए निरंतर प्रगति कर रहा है.उन्होंने सबौर मखाना वन मखाना हार्वेस्टर,विभिन्न फसलों की नई किस्म का विकास, स्टार्टअप,पेटेंट एवं कॉपीराइट तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय शोध परियोजनाओं की उपलब्धियों का उल्लेख किया. बताया कि विश्वविद्यालय को नैक द्वारा ए ग्रेड प्राप्त है जो इसकी शैक्षणिक उत्कृष्टता और अनुसंधान गुणवत्ता का प्रमाण है. हाल ही में आईसीएआर के द्वारा भी ए ग्रेड मान्यता प्रदान किया गया तथा नीति आयोग द्वारा नोडल एजेंसी के रूप मे मान्यता मिली है. उन्होंने विश्वविद्यालय में एक वैज्ञानिक एक उत्पाद,जी आई उत्पाद, पलमाइरा पाउडर,सिंदूर, ब्लूबेरी एवं ब्लैकबेरी जैसे नवाचारों की जानकारी दी. विश्वविद्यालय को आईसीएआर में प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ है तथा सफलता की कहानियां शैक्षणिक फिल्मों एवं यूट्यूब व्याख्यानों के माध्यम से ज्ञान का व्यापक प्रसार किया जा रहा है.99 देशों में 5 करोड़ से अधिक सब्सक्राइबर
कुलपति ने जानकारी दी कि विश्वविद्यालय की गतिविधि को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए 99 देशों में 5 करोड़ 25 लाख सब्सक्राइबर ने लाइक किया है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति एनईपी 2020 के अनुरूप शैक्षणिक सुधार लागू किये गए हैं तथा पुस्तकालय समय को विस्तारित किया गया है. विश्वविद्यालय 2027 से 28 तक के वर्ल्ड रैंकिंग में स्थान प्राप्त करने की दिशा में कार्य कर रहा है. यह भी कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा प्रशिक्षित किसान आधुनिक तकनीक को अपनाकर खेती में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं और देश का नाम रोशन कर रहे हैं.
इन्हें मिला गोल्ड मेडल
कॉलेज ऑफ एग्री बिजनेस पीजी के लिए शिल्पी कुमारी को, पीएचडी डिग्री के लिए सुषमा प्रिया को, श्रेष्ठ थीसिस के लिए डॉ देवजीत चक्रवर्ती को व श्रेष्ठ शिक्षक चुने जाने के लिए डॉ श्वेता शांभवी को गोल्ड मेडल मिला.
सांसद व पूर्णिया के कुलपति रहे मंच पर
मंच पर उपस्थित विशिष्ट अतिथि सांसद भागलपुर अजय मंडल, पूर्णिया विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ विवेकानंद सिंह एवं राज्यपाल के सचिव गोपाल मीणा,बिहार सरकार के सचिव शैलेंद्र,विश्वविद्यालय के कुल सचिव मिजानुल हक सहित कई गणमान्य उपस्थित थे. समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ.
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