Bhagalpur news महाविष्णु यज्ञ के वार्षिकोत्सव का समापन

बिहपुर सोनवर्षा में गुरुवार की देरशाम पांच दिवसीय प्रवचन के साथ महाविष्णु यज्ञ के वार्षिकोत्सव का भक्तिमय वातावरण में समापन हो गया.

बिहपुर सोनवर्षा में गुरुवार की देरशाम पांच दिवसीय प्रवचन के साथ महाविष्णु यज्ञ के वार्षिकोत्सव का भक्तिमय वातावरण में समापन हो गया. गुरुवार को प्रवचन का शुभारंभ रविशंकर चौधरी के भजनों की मधुर प्रस्तुति से हुआ, जिसने पूरे पंडाल को भक्तिरस से सराबोर कर दिया. सोनवर्षा कन्या हाईस्कूल मैदान में आयोजित प्रवचन में यूपी गोरखपुर की कथा वाचिका विजयालक्ष्मी तथा अयोध्या से पधारे कथावाचक पंडित मनोज मिश्र के सजीव कथन से श्रद्धालु भावविभोर होते रहे. पूरे आयोजन के दौरान भक्ति, आस्था और सामूहिक सहभागिता का अद्भुत संगम देखने को मिला. राम-भरत मिलन पर कथावाचिका विजयालक्ष्मी का प्रवचन राम-भरत मिलन त्याग और प्रेम का चरम उदाहरण है. जहां सिंहासन का लोभ नहीं, भाईचारे की सुगंध है. भरत का चरणों में शीश रखना अहंकार का विसर्जन है. यही मिलन मानव को धर्म के मार्ग पर ले जाता है. चित्रकूट प्रसंग पर कथावाचक पंडित मनोज मिश्र का प्रवचन “चित्रकूट केवल वन नहीं, साधना की भूमि है. यहां राम का वनवास लोकमंगल का संदेश है. प्रकृति के साथ सहअस्तित्व का यही आदर्श है. चित्रकूट में ही मर्यादा पुरुषोत्तम का स्वरूप खिलता है. समापन पर यज्ञ समिति की ओर से स्वयंसेवकों के साथ-साथ उन किसानों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने महाविष्णु यज्ञ के आयोजन के लिए अपने खेतों को स्वेच्छा से खाली रखा. इस पहल की ग्रामीणों ने मुक्त कंठ से सराहना की. कार्यक्रम में टीएमबीयू के पूर्व कुलपति सह यज्ञ समिति के अध्यक्ष प्रो डॉ एके राय तथा संयोजक अजय उर्फ लाली कुंवर ने महाविष्णु यज्ञ के वार्षिकोत्सव को सफल बनाने में सहयोग देने वाले समस्त ग्रामीणों, स्वयंसेवकों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि इस तरह के धार्मिक आयोजन समाज में सद्भाव, सहयोग और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करते हैं. मंच पर दोनों कथावाचकों का अभिनंदन सुभाष कुंवर, गोपीकृष्ण झा, जीवन चौधरी, राजेश कुमार ने किया.

रामकथा के श्रवण से सुख शांति की होती है प्राप्ति : संजय

शाहकुंड अंबा पंचायत के पचकठिया गांव में नौ दिवसीय रामकथा के सातवें दिन वृंदावन से पधारे कथावाचक संजय कृष्ण जी महाराज ने कहा कि रामकथा का श्रवण मनुष्य के लिए नितांत आवश्यक है. रामकथा के श्रवण मात्र से मनुष्य को सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है. मनुष्य को समय निकालकर निश्चित रूप से रामकथा का श्रवण करना चाहिए. रामकथा के प्रवचन से पचकठिया गांव के लोग भक्ति में डूबे हुए हैं. प्रवचन सुनने के लिए आसपास गांव के भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी है. रामकथा को सफल बनाने में ग्रामीण जुटे हैं.

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Published by: Jitendra tomar

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