भागलपुर के बाईपास थाना क्षेत्र में ट्रकों से कथित रूप से अवैध वसूली से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने बाईपास थाना प्रभारी चनवीर यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. निलंबन के साथ ही उनका मुख्यालय 'पुलिस केंद्र, भागलपुर' निर्धारित किया गया है.
वीडियो में ट्रकों से लाखों रुपये महीने की वसूली का आरोप
सोशल मीडिया पर तेजी से फैले वायरल वीडियो में बाईपास थाना के समीप ट्रकों से की जा रही कथित रंगदारी का खुलासा किया गया था:
- वसूली का पैटर्न: आरोप है कि पिछले करीब 10 दिनों से 6 से 7 लोग बाईपास थाने के पास खड़े होकर हर बड़े वाहन और प्रति ट्रक से ₹200 की अवैध वसूली कर रहे थे.
- दैनिक व मासिक आंकड़ा: दावा किया गया कि प्रतिदिन लगभग 200 ट्रकों से औसतन ₹40,000 रोजाना और करीब ₹12 लाख रुपये महीने की अवैध उगाही की जा रही थी.
एसएसपी और सिटी एसपी की जांच में सामने आई लापरवाही
वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए एसएसपी के निर्देश पर सिटी एसपी (नगर) अतुलेश झा ने संयुक्त रूप से मामले की त्वरित जांच की:
जांच रिपोर्ट का निष्कर्ष: जांच अधिकारियों की रिपोर्ट में पाया गया कि थाना प्रभारी चनवीर यादव अपने पदीय कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर रूप से लापरवाह और उदासीन रहे. उनके नियंत्रण क्षेत्र में लंबे समय से चल रही इस गतिविधि पर रोक न लगा पाना प्रथम दृष्टया घोर लापरवाही को दर्शाता है.
3 दिनों में मांगा गया जवाब, पहले भी रह चुके हैं विवादों में
- स्पष्टीकरण का अल्टीमेटम: निलंबित थाना प्रभारी को आदेश मिलने के 3 दिनों के भीतर अपना लिखित स्पष्टीकरण समर्पित करने का निर्देश दिया गया है. समय सीमा में संतोषजनक जवाब न मिलने पर उनके खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई (Departmental Action) शुरू की जाएगी.
- पुराना विवाद: उल्लेखनीय है कि चनवीर यादव का नाम पहले भी कथित अवैध वसूली के आरोपों से जुड़ा था, हालांकि तब साक्ष्यों के अभाव में आरोप सिद्ध नहीं हो पाए थे. इस बार वायरल वीडियो और विभागीय जांच के आधार पर गाज गिरना तय माना जा रहा है.
