निगरानी में ढिलाई के कारण बिहार में रेलमार्ग बना चांदी तस्करी का आसान रास्ता, चेकिंग के डर से सड़क मार्ग से नहीं कर रहे काला कारोबार

कोरोना काल व लॉकडाउन में सड़क के रास्ते कई खतरे होने के कारण रेलवे स्मगलिंग करनेवालों का पसंदीदा परिवहन हो गया है. हालांकि पहले भी रेलमार्ग का फायदा नशा के कारोबारी उठा रहे थे, अब चांदी के तस्कर हावी हैं. इसका खुलासा तब हुआ जब पिछले 15 दिनों में कई तस्कर चांदी के साथ पकड़े गये. उनसे नकदी भी बरामद हुई. दरअसल, कोरोना के कारण ट्रेन में चेकिंग में ढिलाई का फायदा ये उठा रहे हैं. हालांकि हाल में कुछ तस्करों की गिरफ्तारी को बड़ी उपलब्धि मान रहा है विभाग और दावा है कि इनके माध्यम से इस नटवर्क को खत्म कर दिया जायेगा.

ब्रजेश,भागलपुर : कोरोना काल व लॉकडाउन में सड़क के रास्ते कई खतरे होने के कारण रेलवे स्मगलिंग करनेवालों का पसंदीदा परिवहन हो गया है. हालांकि पहले भी रेलमार्ग का फायदा नशा के कारोबारी उठा रहे थे, अब चांदी के तस्कर हावी हैं. इसका खुलासा तब हुआ जब पिछले 15 दिनों में कई तस्कर चांदी के साथ पकड़े गये. उनसे नकदी भी बरामद हुई. दरअसल, कोरोना के कारण ट्रेन में चेकिंग में ढिलाई का फायदा ये उठा रहे हैं. हालांकि हाल में कुछ तस्करों की गिरफ्तारी को बड़ी उपलब्धि मान रहा है विभाग और दावा है कि इनके माध्यम से इस नटवर्क को खत्म कर दिया जायेगा.

बांग्लादेश और म्यांमार में चांदी सस्ता :

जानकारों के अनुसार बांग्लादेश और म्यांमार की चांदी पश्चिम बंगाल के रास्ते बिहार समेत देश के अन्य भागों में तस्करी के माध्यम से खपाने की कोशिश जारी है. दरअसल बांग्लादेश और म्यांमार में 14 से 16 प्रतिशत तक सोना-चांदी सस्ता है. चोरी से लाने के कारण कस्टम ड्यूटी समेत दूसरा कोई भी चार्ज भी नहीं लगता है. इसका भरपूर फायदा कुछ सोना-चांदी व्यवसायी भी उठा रहे हैं. इस दो नंबर के धंधे से उनकी चांदी है. वो टैक्स से भी बच रहे और कम कीमत पर माल भी खरीद रहे.

आरपीएफ को चकमा देने के लिए बदला शर्ट

तीन मई को आरपीएफ, साहिबगंज को 03071 हावड़ा-जमालपुर एक्सप्रेस के स्पेशल कोच संख्या एस-4 में अवैध चांदी ले जाने के बारे में सूचना मिली. सूचक ने पहचान के लिए संदिग्ध व्यक्ति की तसवीर, उसके कपड़े, सामान आदि के बारे में जानकारी दी. जब सुबह साढ़े चार बजे के करीब आरपीएफ द्वारा तलाशी ली जाने लगी, तो चकमा देने के लिए तस्कर ने अपने कपड़े बदल लिये. फिर सूचक से संपर्क किया गया तो उसने और जानकारी दी और उसे हिरासत में लिया गया. जांच करने पर 8.76 लाख रुपये मूल्य के 22.4 किलो चांदी के जेवर व नकली चालान बरामद हुए. व्यक्ति को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए राज्य जीएसटी, भागलपुर को सौंप दिया गया था.

Also Read: बिहार में अब पुलिसकर्मी भी काट सकेंगे चालान, थानाध्यक्ष व सिनियर अधिकारी करेंगे वाहन चालकों की धरपकड़
बिना चालान के कई किलो चांदी के साथ सफर

नौ मई को सूचना मिली की ट्रेन संख्या 03071 हावड़ा-जमालपुर एक्सप्रेस स्पेशल में चांदी के अवैध गहनों के साथ एक व्यक्ति सफर कर रहा. साहिबगंज आरपीएफ ने तलाशी शुरू की. उन्होंने 25.496 किलोग्राम चांदी के साथ एक व्यक्ति को हिरासत में लिया. वह केवल 19.458 किलोग्राम आभूषण का ही चालान दिखा सका. उसने स्वीकार किया कि वह बिना किसी कागजात के ₹4,31,354 मूल्य का अतिरिक्त 6.038 किलोग्राम चांदी का आभूषण ले जा रहा है

POSTED BY: Thakur Shaktilochan

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >