bhagalpur news. विधान पार्षद संजीव सिंह मानसून सत्र में उठायेंगे आधुनिक प्रेक्षागृह का मामला

संजीव में विधान परिषद में उठाएंगे मामला.

-संस्कृतिकर्मियों व रंगकर्मियों के शिष्टमंडल ने सौंपा ज्ञापन, तो दिया आश्वासनदस साल से अधिक बीत जाने के बाद भी भागलपुर में अदद प्रेक्षागृह की मांग पूरी नहीं हो सकी है. चार साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी अंग सांस्कृतिक केंद्र का जीर्णोद्धार करके आधुनिक प्रेक्षागृह के रूप में संस्कृतिकर्मियों को हैंडओवर नहीं किया जा सका. इतना ही नहीं जिला प्रशासन अंतर्गत कला-संस्कृति विभाग को भी अपना कार्यक्रम एक छोटे कमरे में करना पड़ रहा है. उक्त मामले समेत आधुनिक प्रेक्षागृह के अन्य मामले को लेकर एमएलसी संजीव सिंह को भागलपुर के अलग-अलग सांस्कृतिक संगठन के प्रतिनिधियों ने मिलकर संयुक्त ज्ञापन सौंपा. इस पर उन्होंने रंगकर्मियों व संस्कृतिकर्मियों को मानसून सत्र में मामले को विधान परिषद में उठाने का आश्वासन दिया. साथ ही कहा कि सरकार के संज्ञान में लाकर उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे.ज्ञापन देने वाले प्रतिनिधिमंडल में दिशा जन सांस्कृतिक मंच, भागलपुर के संयोजक प्रो चंद्रेश, संबंध भागलपुर के निदेशक रितेश रंजन, इप्टा के पूर्व सचिव संजीव कुमार दीपू एवं आलय, भागलपुर के डॉ चैतन्य प्रकाश शामिल थे. उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 से लगातार हमलोगों के अथक प्रयास और स्थानीय प्रशासन द्वारा इस मामले को गंभीरता से लेने के बाद भागलपुर संग्रहालय परिसर स्थित गोदाम में तब्दील हो चुके प्रेक्षागृह का नवीनीकरण और आधुनिकीकरण संभव हो पाया. यह काम 14 जुलाई 2020 से शुरू हुआ और करार के मुताबिक़ 13 जुलाई 2021 तक सारा काम पूरा होना था, लेकिन ठेकेदार की उदासीनता के कारण वर्ष 2024 में यह काम पूरा हो पाया.अब, जब 12-13 महीने पहले प्रेक्षागृह बनकर तैयार हो गया है, तो इसे सौंपने की समस्या उत्पन्न हो गयी है. इस संबंध में हमलोग भागलपुर स्थित बिहार भवन निर्माण निगम के वरीय अधिकारी से मिल चुके हैं, फोन पर भी कई बार बातें हुई हैं, लेकिन अब तक इसका कोई समाधान नहीं निकल पाया है.

जीर्णोद्धार होने के बाद उखड़ने लगा नया मार्बल व टूट गया रेलिंग

ठेकेदार की उदासीनता के कारण पहले ही दीवार का प्लास्टर झड़ने लगा था. जीर्णोद्धार के बाद नये मार्बल उखड़ने लगे हैं. साथ ही पिछले हिस्से में निकासी द्वार का रेलिंग टूट गये हैं. लगातार खबर प्रकाशित होने के बाद कई चीजों में सुधार किया गया, लेकिन हैंडओवर से पहले ही आधुनिक प्रेेक्षागृह पुराने स्वरूप में लौटने लगा है.

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By KALI KINKER MISHRA

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