भागलपुर में बिजली विभाग पर निगरानी का शिकंजा, 4 हजार की रिश्वत लेते JE गिरफ्तार

Bhagalpur News: भागलपुर में बिजली कनेक्शन के नाम पर रिश्वतखोरी का मामला सामने आया है. निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बिजली विभाग के एक जूनियर इंजीनियर और तकनीशियन को 4 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. इस कार्रवाई ने बिजली विभाग में हड़कंप मचा दिया है.

भागलपुर से ऋषव मिश्रा कृष्ण की रिपोर्ट

Bhagalpur News: बिजली कनेक्शन के नाम पर रिश्वत मांगने की शिकायत आखिरकार रंग लाई. भागलपुर में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने मंगलवार को बिजली विभाग के एक जूनियर इंजीनियर (JE) और तकनीशियन को 4 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. कार्रवाई नौलखा कोठी परिसर में की गई. गिरफ्तारी के बाद दोनों को कानूनी प्रक्रिया पूरी कर पटना ले जाया गया. इस कार्रवाई के बाद बिजली विभाग में हड़कंप मच गया है.

शिकायत के बाद बिछाया गया जाल, रंगे हाथ पकड़े गए दोनों

भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने यह कार्रवाई की. जानकारी के अनुसार खंजरपुर स्थित सहदेव अपार्टमेंट निवासी संतोष कुमार ने नए बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन दिया था. आरोप है कि कनेक्शन जारी करने के बदले 4 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई.

संतोष कुमार ने इसकी शिकायत पटना स्थित निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से की. शिकायत मिलने के बाद अधिकारियों ने पहले पूरे मामले का सत्यापन कराया. आरोप सही मिलने पर ट्रैप की योजना बनाई गई और मंगलवार को नौलखा कोठी परिसर में दोनों आरोपितों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया.

गिरफ्तार JE और तकनीशियन की पहचान

निगरानी ब्यूरो ने तिलकामांझी नार्थ सेक्शन के जूनियर इंजीनियर अमित कुमार और तकनीशियन सौरभ कुमार को गिरफ्तार किया है. डीएसपी मिथिलेश कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि तकनीशियन के माध्यम से उपभोक्ताओं से रुपये की वसूली की जाती थी. सौरभ कुमार कथित तौर पर उपभोक्ताओं से संपर्क कर राशि तय करता था और उसके बाद कनेक्शन से जुड़े काम आगे बढ़ाए जाते थे.

निगरानी की गोपनीय कार्रवाई से नहीं मिला संभलने का मौका

पूरी कार्रवाई बेहद गोपनीय तरीके से की गई. ट्रैप का नेतृत्व निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के डीएसपी मिथिलेश कुमार ने किया. उनके साथ निरीक्षक संतोष कुमार, गणेश कुमार और अन्य अधिकारी व जवान भी मौजूद थे. टीम ने पहले से तय रणनीति के तहत कार्रवाई की, जिससे आरोपितों को बचने या साक्ष्य मिटाने का मौका नहीं मिला.

पहले भी विवादों में रह चुका है JE अमित कुमार

गिरफ्तार जूनियर इंजीनियर अमित कुमार पहले भी विवादों में रह चुका है. करीब चार वर्ष पहले बांका जिले के कटोरिया में पदस्थापित रहने के दौरान वह शराब के नशे में गिरफ्तार हुआ था. उस समय बिजली विभाग ने उसे निलंबित कर दिया था. बाद में सेवा में बहाल होने के बाद उसकी पोस्टिंग भागलपुर के तिलकामांझी नार्थ सेक्शन में की गई थी. अब रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तारी के बाद उसकी कार्यशैली फिर सवालों के घेरे में आ गई है.

'मुझे फंसाया गया है', JE ने आरोपों से किया इनकार

गिरफ्तारी के बाद JE अमित कुमार ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उन्हें फंसाया गया है. हालांकि निगरानी अन्वेषण ब्यूरो का कहना है कि शिकायत के सत्यापन के बाद ट्रैप कार्रवाई की गई और दोनों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया. मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है.

Bhagalpur News:भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश

इस कार्रवाई को बिजली विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है. निगरानी ब्यूरो का कहना है कि यदि किसी सरकारी कर्मचारी द्वारा किसी भी सेवा के बदले रिश्वत मांगी जाती है तो नागरिक इसकी शिकायत कर सकते हैं. शिकायत सही पाए जाने पर इसी तरह की सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी.

Also Read: हाजीपुर से चिराग पासवान ने कर दिया ऐलान, यूपी की सभी 403 सीटों पर उतारेंगे उम्मीदवार

Also Read: पटना नहीं, अब राजगीर इंटरनेशनल स्टेडियम में चौके-छक्के लगाएंगे बिहार के रणजी धुरंधर, 11 अक्टूबर को पहला मुकाबला


प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >