Bhagal;pur news ...और 12 दिन की जंग हार मुख्य पार्षद राजकुमार गुड्डू
सुलतानगंज नगर परिषद कार्यालय में हुए गोलीकांड का शनिवार को दुखद अंत हो गया.
सुलतानगंज नगर परिषद कार्यालय में हुए गोलीकांड का शनिवार को दुखद अंत हो गया. 28 अप्रैल को गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल नप के मुख्य पार्षद राजकुमार गुड्डू (42) ने इलाज के दौरान जिंदगी की जंग हार गये. पटना के एक निजी अस्पताल में शनिवार सुबह लगभग नौ बजे उनका निधन हो गया. घटना के 12वें दिन आयी इस दुखद खबर से सुलतानगंज में शोक की लहर दौड़ गयी. पोस्टमार्टम के बाद देर शाम उनका शव पुलिस सुरक्षा में पटना से सुलतानगंज आने का इंतजार हो रहा है. मुख्य चौक बाजार स्थित सत्संग गली आवास पर अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. वार्ड पार्षद प्रतिनिधि सुभाष पोद्दार ने बताया कि दो दिन पूर्व उनकी हालत में कुछ सुधार देखने को मिला था. शुक्रवार रात अचानक तबीयत बिगड़ गयी और शनिवार सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली. रविवार सुबह सात बजे सुलतानगंज मुक्तिधाम में उनका अंतिम संस्कार होगा.
राजनीति से समाज सेवा तक मजबूत पहचान
राजकुमार गुड्डू सिर्फ नप के मुख्य पार्षद ही नहीं थे, बल्कि भाजपा कोर कमेटी (भागलपुर लोकसभा) के सक्रिय सदस्य और मध्यदेशीय वैश्य सभा (पूर्वांचल बिहार-झारखंड) के अध्यक्ष के रूप में उनकी अलग पहचान थी. पहली बार मुख्य पार्षद बनने के बाद उन्होंने नगर क्षेत्र के विकास को अपनी प्राथमिकता बनाया. सड़क, घाट, सफाई, रोशनी और श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़े मुद्दों को लेकर वह लगातार सक्रिय रहते थे.
पीछे छोड़ गये भरा-पूरा परिवार
उनके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. वह अपने पीछे पत्नी, 13 वर्षीय और पांच वर्षीय दो बच्चों तथा वृद्ध मां को छोड़ गये हैं. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया. पूरे मोहल्ले में मातम का माहौल है. मुख्य पार्षद के निधन की खबर फैलते ही सोशल मीडिया पर शोक संदेशों की बाढ़ आ गयी. लोग उनके कार्यकाल, व्यवहार और विकास कार्यों को याद करते हुए श्रद्धांजलि दे रहे हैं. कई जनप्रतिनिधियों, व्यवसायियों और सामाजिक संगठनों ने इसे सुलतानगंज के लिए अपूरणीय क्षति बताया है.