bhagalpur news. हड़ियापट्टी में बंद दुकान को बना दिया यूरिनल, दुर्गंध से ग्राहक व कारोबारी परेशान

भागलपुर स्थित हड़िया पट्टी में बंद दुकान को बना दिया यूरिनल.

-चार जिलों तक मसाला, खाद्यान्न, कपड़ा, किराना के सामान का होता है कारोबार, हड़ियापट्टी में 1000 से अधिक दुकानेंवरीय संवाददाता, भागलपुरमुख्य बाजार स्थित हड़ियापट्टी में इन दिनों अव्यवस्था बढ़ गयी है. एक बंद दुकान को ही लोगों ने यूरिनल बना दिया है. जिससे दुकान का शटर सड़ता जा रहा है. इससे चारों तरफ सड़ांध फैल रही है. ग्राहक व व्यवसायियों को भी परेशानी हो रही है.

सड़ांध से लौट जाते हैं ग्राहक, 40 फीसदी तक कारोबार प्रभावित

सड़ांध के कारण यहां के व्यवसायियों का कारोबार रोजाना 30 से 40 फीसदी तक प्रभावित हो रहा है. ग्राहकों ने इस ओर आना बंद कर दिया है या सड़ांध से परेशान होकर वापस लौट रहे हैं. हड़ियापट्टी से जुड़ा बाजार फड़ियापट्टी, कलाली गली, सूतापट्टी व जैन कटरा है. यहां 1000 से अधिक दुकानें हैं. यहां से चार जिलों बांका, भागलपुर, गोड्डा व खगड़िया से छोटे दुकानदार मसाला, खाद्यान्न व कपड़ा खरीदकर ले जाते हैं.

सरकार को लाखों का सालाना मिलता है राजस्व

हड़ियापट्टी बाजार में औसतम रोजाना छह करोड़ से अधिक का कारोबार होता है. 1000 अधिक व्यवसायी सालाना चार से पांच लाख होल्डिंग टैक्स व एक करोड़ से अधिक बिजली बिल चुकाते हैं. व्यवसायियों का कहना है कि सरकार को व्यवसायियों से किसी न किसी रूप में सालाना 50 लाख से अधिक का राजस्व मिलता है, लेकिन उनके लिए सुविधा कोई नहीं है. इतना ही नहीं व्यवसायियों के लिए ना समुचित सफाई व्यवस्था, ना समुचित पेयजल व्यवस्था, ना समुचित रोशनी व्यवस्था है. सबसे बड़ी समस्या शौचालय का नहीं होना है.

दुकानदारों का दर्द

हड़ियापट्टी में एक दुकान बंद हो गयी. इसके बाद यूरिनल के अभाव में लोग यहां पेशाब करने लगे. अब तो सड़ांध से सभी दुकानदार परेशान हैं.

विमल केडिया, थोक कपड़ा कारोबारीपहले कुछेक लोगों ने यहां पेशाब करना शुरू किया. कोई रोक नहीं पाया. अब यह आसपास के दुकानदारों के गले का फांस बन गया.

अमृत बैताला, थोक मसाला कारोबारीमुख्य बाजार अंतर्गत हड़ियापट्टी सबसे उपेक्षित बाजार है. इस ओर नेता व प्रशासन किसी की नजर नहीं है. कोई सुविधा नहीं है.

आलोक जैन, दुकानदार

हड़ियापट्टी में कई स्थानों पर अतिक्रमण है. नाला साफ नहीं किया जाता है. सफाई भी समय पर नहीं होती. अब सबसे बड़ी समस्या यूरिनल की हो गयी है.

रूपेश जैन

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By KALI KINKER MISHRA

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