विभिन्न स्थानों पर वैदिक विधि-विधान से मां की पूजा-अर्चना व आरती की गयी. श्रद्धालुओं ने नम आंखों से मां सरस्वती को विदा किया. एसएम कॉलेज, निजी संस्थानों सहित घरों में स्थापित मां की प्रतिमाओं को विसजर्न किया गया. डीजे, बैंड बाजे के साथ शोभायात्र निकाली गयी. विसर्जन में कहीं डांडिया नृत्य, तो कहीं भांगड़ा नृत्य हुआ. विसर्जन के दौरान ढोल-ढाक के साथ मां सरस्वती के जयकारा से क्षेत्र गुंजायमान हो उठा.
मां शारदे के जयकारे से गूंजा गंगाघाट
भागलपुर: जिले में विभिन्न स्थानों पर विद्या दायिनी मां सरस्वती की प्रतिमा का विसजर्न रविवार को विधि-विधान के साथ कर दिया गया. कहीं स्थानीय तालाब में, तो कहीं समीप के गंगा तट पर मां सरस्वती की प्रतिमा का विसजर्न किया गया. शहर के विभिन्न मोहल्लों में स्थापित अधिकतर प्रतिमाओं का विसजर्न विभिन्न गंगा घाट जैसे, […]

भागलपुर: जिले में विभिन्न स्थानों पर विद्या दायिनी मां सरस्वती की प्रतिमा का विसजर्न रविवार को विधि-विधान के साथ कर दिया गया. कहीं स्थानीय तालाब में, तो कहीं समीप के गंगा तट पर मां सरस्वती की प्रतिमा का विसजर्न किया गया. शहर के विभिन्न मोहल्लों में स्थापित अधिकतर प्रतिमाओं का विसजर्न विभिन्न गंगा घाट जैसे, बूढ़ानाथ घाट, एसएम कॉलेज सीढ़ी घाट, मुसहरी घाट, बरारी लंच घाट आदि गंगा तटों पर किया गया.
सख्त हिदायत के बावजूद बजे ईल गाने
सरस्वती पूजा के दिन कुछ मंदिरों व अन्य पंडालों में भक्ति गीत व गजल बजे, लेकिन विसजर्न में दोपहर से रात तक ‘चुम्मे की रात है और ए राजा जी’ जैसे हिंदी व क्षेत्रीय भद्दे गाने बजते रहे. जिला प्रशासन के सख्त हिदायत के बावजूद विसजर्न शोभायात्र में बॉलीवुड समेत क्षेत्रीय ईल गाने बजे. इन गानों के शब्दों पर डांस करने में मस्त हुए युवाओं पर भले ही कोई असर न पड़ा हो, लेकिन बुद्धिजीवी व बुजुर्ग लोग आहत हुए.
सड़कों पर युवाओं ने की हुल्लड़बाजी
विसजर्न के बहाने युवा हुल्लड़बाजी करते रहे. डीजे के शोर पर युवाओं के पांव थिरकते-थिरकते बहक जा रहे थे. विसजर्न वाहनों की धीमी रफ्तार का असर ट्रैफिक पर भी पड़ा. राह चलते लोगों को थोड़ी परेशानी ङोलनी पड़ी.