छेड़छाड़ करनेवाले को 10 वर्ष की सजा

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date

भागलपुर: जिला विधिज्ञ सेवा प्राधिकार की ओर से रविवार को एसएम कॉलेज में विधिज्ञ जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया. इसमें महिलाओं से संबंधित कानून, मौलिक अधिकार एवं मौलिक कर्तव्य पर जानकारी दी गयी.

व्यवहार न्यायालय के न्यायिक पदाधिकारी अतुल वीर सिंह ने कानून के बारे में छात्राओं को बताया. उन्होंने कहा कि यौन हिंसा, दुष्कर्म व महिलाओं से छेड़छाड़ करने से जुड़े मामलों के लिए कठोर से बनाये गये हैं. इसमें तीन से 10 साल की सजा हो सकती है. दहेज प्रताड़ना व शादीशुदा पारिवारिक विवाद निष्पादन के लिए कठोर कानून बनाये गये हैं.

इसमें भी सात साल तक की सजा हो सकती हैं. दहेज प्रताड़ना आदि मामलों में महिलाएं कानून का सहारा ले सकती हैं. अधिवक्ता रामू मिश्र ने प्रोजेक्टर के माध्यम से महिलाओं से जुड़े कानून के बारे में विस्तार से बताया. वर्तमान में महिलाओं के लिए सांसद से पारित हुए कानून के बारे में भी जानकारी दी. सामाजिक कार्यकर्ता सुजाता शर्मा ने महिलाओं से जुड़े मामलों पर प्रकाश डाला. इस मौके पर एसएम कॉलेज की प्राचार्या डॉ उषा कुमारी सहित बड़ी संख्या में छात्रएं उपस्थित थी.

    Share Via :
    Published Date
    Comments (0)
    metype

    संबंधित खबरें

    अन्य खबरें