पंचम अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत में हुई सुनवाई
ससुरालवालों ने घर से खींच कर दिया था दर्दनाक घटना को अंजाम
हाइकोर्ट के निर्देश पर स्पीडी ट्रायल के तहत कोर्ट में हुई दोनों पक्षों की गवाही
घटना के 16 आरोपित थे जमानत पर बाहर, तीन आरोपित थे जेल में
05 जून 2017 को गौराचौकी में प्रेम विवाह में हुई थी हिमांशु की हत्या, 764 दिन बाद आया फैसला
भागलपुर : कजरैली थाना क्षेत्र के गौराचौकी के हिमांशु यादव की हत्या के मामले में पंचम अपर सत्र न्यायाधीश दीपांकर पांडेय की अदालत ने गुरुवार को 76 पेज के निर्णय वाली कॉपी में 19 आरोपितों को हत्या के मामले में उम्रकैद व जुर्माने की सजा सुनायी है. इसके अलावा अलग-अलग धाराओं में आरोपितों को सजा व जुर्माने की सजाएं हुईं.
सभी सजायें साथ-साथ चलेंगी. कोर्ट ने आरोपित से वसूले गये जुर्माने से दो लाख रुपये की राशि मृतक हिमांशु की मां जैलस देवी को देने का आदेश दिया. पांच जून 2017 को ससुराल वालों द्वारा घर से खींच कर बीच सड़क पर हिमांशु यादव की हत्या की गयी थी.
आरोपित पंकज यादव, अरुण यादव, प्रकाश यादव उर्फ पक्की, राजा यादव, गोकुल यादव, विवेक यादव व पुसो यादव को आर्म्स एक्ट में भी सात साल की सजा व पांच हजार रुपये जुर्माना और नहीं देने पर तीन महीने की अतिरिक्त सजा का निर्देश दिया. अदालत में हाइकोर्ट के निर्देश पर मामले में स्पीडी ट्रायल चला.
अपर लोक अभियोजक नरेश राम व सूचक जैलस देवी की तरफ से रामशरण सिंह व बचाव पक्ष से सिरुस लाल, अरुण झा, कौशलेंद्र सहाय, अवधेश कुमार, अमित कुमार, हरिहर कुमार, संजय कुमार चक्रवर्ती, परमानंद भारती, प्रमोद यादव, पन्ना सिंह, राजीव झा ने जिरह किया. घटना के 764 दिन बाद आये फैसले से पीड़ितों के परिजनों में राहत थी. कोर्ट में सजा सुनाये जाने के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था कीगयी थी.
