भागलपुर : सदर अस्पताल में चिकित्सकों की लगातार कमी से मरीज परेशान हैं. 10 चिकित्सकों के कंधे पर यहां की व्यवस्था टिकी है. काम का भार इतना की भर्ती मरीज के लिए इनके पास पर्याप्त समय नहीं होता है. हर दो से तीन माह में यहां कार्यरत चिकित्सक नौकरी छोड़ बेहतर भविष्य के लिए जेएलएनएमसीएच समेत अन्य संस्थानों में ज्वाइन कर रहे हैं. 10 दिन पहले दो चिकित्सक सहायक प्राध्यापक के रूप में जेएलएनएमसीएच नियुक्ति हुए.एेसे में यहां पहुंच रहे मरीजों को बैगर इलाज के ही लौटना पड़ रहा है.
डॉक्टरों की कमी, बगैर इलाज कराये लौट रहे मरीज
भागलपुर : सदर अस्पताल में चिकित्सकों की लगातार कमी से मरीज परेशान हैं. 10 चिकित्सकों के कंधे पर यहां की व्यवस्था टिकी है. काम का भार इतना की भर्ती मरीज के लिए इनके पास पर्याप्त समय नहीं होता है. हर दो से तीन माह में यहां कार्यरत चिकित्सक नौकरी छोड़ बेहतर भविष्य के लिए जेएलएनएमसीएच […]

एक पर ओपीडी व इमरजेंसी का अतिरिक्त भार
सदर अस्पताल में शिशु रोग के लिए दो चिकित्सक थे. इनके कंधे पर एसएनसीयू की व्यवस्था थी. साथ ही ओपीडी और इमरजेंसी की ड्यूटी भी करते थे. पिछले दिनों एक चिकित्सक ने यहां से इस्तीफा देकर जेएलएनएमसीएच में ज्वाइन कर लिया. अब एक चिकित्सक पर एसएनसीयू की व्यवस्था आ गयी है. इमरजेंसी और ओपीडी में भी इनकी ड्यूटी लगती है. परिणाम कार्य के भार से चिकित्सक बेहतर तरीके से समय नहीं दे पाते हैं.