एक ही आंगन से निकला दो बच्चों का जनाजा, नम थी हर आंख, पसरा मातम

नाथनगर : कबीरपुर में बुधवार को एक ही आंगन से दो मासूमों का जनाजा निकला. बम धमाके में मंगलवार को जान गंवा बैठे नन्हीं सी दो जान को कफन में लिपटा देख हर शख्स की आंखें भर आयीं. मातमी सन्नाटे को परिजनों के चीत्कार ने पलभर में ही और भी गमगीन कर दिया. हर आंख […]

नाथनगर : कबीरपुर में बुधवार को एक ही आंगन से दो मासूमों का जनाजा निकला. बम धमाके में मंगलवार को जान गंवा बैठे नन्हीं सी दो जान को कफन में लिपटा देख हर शख्स की आंखें भर आयीं. मातमी सन्नाटे को परिजनों के चीत्कार ने पलभर में ही और भी गमगीन कर दिया.

हर आंख नम थी और शख्स इस मनहूस घड़ी को कोसने को मजबूर…क्योंकि मंगलवार की सुबह तक इसी आंगन में खेलता और खिलखिलाता मासूम सलमान और इब्राहिम अब इस दुनिया को सदा-सदा के लिए अलविदा कह चुका था. मोहल्ले के लोग और परिजनों की भीड़ बच्चों के माता-पिता को ढाढ़स बंधाने में जुटा रहा.

लेकिन बीच-बीच में रोने, बिलखने और मातमी मंजर का कोलाहल उनकी हर कोशिश को नाकाम करता रहा. बुधवार को परिजनों और मोहल्लेवासियों ने दोनों के शव को रामपुर कब्रिस्तान में मिट्टी दी.

साकिब को पटना में भी नहीं मिल रहा बेहतर इलाज, मोहल्लेवासियों ने भेजा चंदा

मंगलवार को बम में गंभीर रूप से जख्मी हुए साकिब को बेहतर इलाज के लिए पटना भेजा गया है. हालांकि उसका वहा सही ढंग से इलाज नहीं हो पा रहा है. इसे देखते हुए मोहल्ले के लोगों ने दस हजार रुपये चंदा इकट्ठा कर मदद के लिए पटना भेजा. साकिब का इलाज पटना के सरकारी अस्पताल में चल रहा है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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