भागलपुर : मो तबरेज आलम की मौत से मां-पिता पर गम का पहाड़ टूट पड़ा है. शाहजंगी मंसूरी टोला के लोग सदमे में हैं. पिता मो आफताब आलम रो-रो कर कह रहे थे कि जब बेटा ही नहीं है, तो जीकर क्या करेंगे. बेटा पढ़ाई के साथ -साथ पापड़ बेच कर घर की खर्ची चलाता था. अब घर कौन चलायेगा. इस अंधे पिता को कौन देखेगा, कौन सहारा बनेगा.
एक ऑपरेशन के दौरान पिता के दोनों आंखों की रोशनी चली गयी थी. उसके बाद से ही तबरेज पर घर की जिम्मेदारी थी. सरकारी सहायता के रूप में नि:शक्त कार्ड पर दो सौ रुपये प्रति माह पिता को मिलता है. मिले 22 हजार रुपये : तबरेज की मौत के बाद परिजनों को सरकारी योजना के तहत 22 हजार रुपये सहायता के तौर पर दिया गया है.सरकार को लिख कर भेजा जा रहा है कि तबरेज की मां को आंगनबाड़ी या फिर मध्याह्न् भोजन में रसोइया के पद पर बहाल किया जाये.
पुलिस की तैनाती : तबरेज की मौत पर आक्रोशित लोगों द्वारा बाल्टी कारखाना चौक पर किये गये हंगामा व पत्थरबाजी के मद्देनजर एक पुलिस अफसर के नेतृत्व में बाल्टी कारखाना व गुड़हट्टा चौक पर पुलिस की दो टीमों की तैनाती की गयी है. इंस्पेक्टर जमील असगर ने बताया कि शनिवार की रात तक के लिए पुलिस की पुख्ता व्यवस्था की गयी है. इसके अलावा पुलिस पर हमला करने व सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में काजीचक के दर्जनों लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की जायेगी. इसके लिए लोगों को चिह्न्ति किया जा रहा है.
शांति समिति सदस्यों ने शांत कराया : बच्चे की मौत पर हंगामा कर रहे लोगों को जिला शांति समिति के सदस्यों ने मौके पर पहुंच कर शांत कराया. प्रो एजाज अली रोज, महबूब आलम, रत्न किशोर प्रसाद, शाहीद खां, शाबीर खान, सोइन अंसारी व डॉ प्रदीप कुमार ने काजीचक में हंगामा कर रहे लोगों को समझा -बुझा कर घर भेजा. तब जाकर मामला शांत हो पाया.
