27 वर्ष बाद मुंशी टीपू पांडेय हत्याकांड में 12 को आएगा फैसला, ट्रायल पूरा

बगहा - छितौनी रोड निर्माण के दौरान 27 वर्ष पहले हुए मुंशी की हत्याकांड में जिला जज चार मानवेंद्र मिश्रा की कोर्ट ने स्पीडी ट्रायल के तहत प्रतिदिन सुनवाई पूरा किया है.

बेतिया/बगहा. बगहा – छितौनी रोड निर्माण के दौरान 27 वर्ष पहले हुए मुंशी की हत्याकांड में जिला जज चार मानवेंद्र मिश्रा की कोर्ट ने स्पीडी ट्रायल के तहत प्रतिदिन सुनवाई पूरा किया है. दोनों पक्ष से अपना अपना साक्ष्य और सबूत कोर्ट को दिया जा चुका है. शुक्रवार को अंतिम सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता बृजेश भारती ने कोर्ट को बताया कि इस कांड सूचक मैं ही था और पुलिस ने मुझे ही अभियुक्त बना दिया. पुलिस ने असल कातिल तक नहीं पहुंची तो बिना साक्ष्य के आरोपित कर दिया. इस केस में 12 साक्षी पक्ष द्रोही हो चुके हैं. पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर, केस की जांच करने वाले पुलिस अधिकारी तक कोर्ट में नहीं आए. इस कांड में कोई चश्मदीद नहीं है. किसी ने यह नहीं देखा कि हत्या किसने किया. अन्य साक्षी मृतक के मां और दोनों भाई है जिन्होंने घटना घटित होते देख ही नहीं है. जबकि अभियोजन पदाधिकारी मनु राव ने कोर्ट को बताया कि इस केस में प्लानिंग के तहत कांड के सूचक विपिन कुमार सिंह और ठेकेदार गुडू गुप्ता ने घर से बुलाकर ले जाकर हत्या किया और घटनाक्रम को मोड़ते हुए दूसरे के मध्य करने की कोशिश की गई है. इन लोगों के प्रभाव के कारण कई साक्षी पक्ष द्रोही हो गए. दोनों तरफ के साक्ष को सुनने के बाद कोर्ट ने 12 जून को तिथि मुकर्रर की है. उस दिन कोर्ट का फैसला आ सकता है. इस कांड पर लोगों की नजर भी टिकी हुई है ,वहीं पीड़ित परिजनों को इंसाफ का भरोसा है. ————— पुलिस की जांच में पलट गया था सूचक का गढ़ा गया स्क्रिप्ट नौरगिया थाना में सूचक विपिन कुमार सिंह की तहरीर पर कांड दर्ज किया गया था. विपिन कुमार सिंह के द्वारा गढ़े गए स्क्रिप्ट ही पलट गया. कांड के आईओ राजीव रंजन ने तीन वर्षों तक जांच के बाद पाया कि घटनास्थल पर दूसरे अपराधियों के आने का कोई साक्ष्य नहीं मिला. विपिन कुमार सिंह के गन से निकली गोली से ही टीपू की हत्या हो गई. पुलिस ने विपिन कुमार सिंह पर चार्जशीट सौंप दी. जबकि कांट्रेक्टर गुड्डू गुप्ता व प्रत्यक्षदर्शी भरत कुमार को भी पुलिस ने जांच में दोषी नहीं माना था. ———- टीपू पांडेय को घर से बुलाकर ले गए थे कांट्रेक्टर कांड के पृथक वाद में पुलिस ने मृतक की मां राधा देवी, मृतक का भाई जय प्रकाश पांडेय का 164 का बयान भी न्यायालय में कराया था. दोनों साक्षियों ने अभियुक्त गुड्डू गुप्ता, विपिन सिंह पर हत्या करने का आरोप लगाया था. कांट्रेक्टर के यहां टीपू पांडेय मुंशी का कार्य करता था. गुड्डू गुप्ता पर आरोप है कि घटना के दिन वह मृतक को घर से बुलाकर ले गया। मृतक जाने के समय पिछले मजदूरी भुगतान की मांग कर रहा था तो गुड्डू गुप्ता ने कहा, चलो आज तुम्हारा सब हिसाब कर देंगे. —————- कोर्ट ने कांट्रेक्टर के खिलाफ भी लिया था संज्ञान पुलिस जांच में कांट्रेक्टर गुड्डू गुप्ता निर्दोष पाया गया. न्यायालय ने पुलिस अनुसंधान को अस्वीकृत करते हुए गुड्डू गुप्ता पर भी संज्ञान लिया. आरोपित गुड्डू गुप्ता संज्ञान आदेश के विरुद्ध हाईकोर्ट गया, जहां उसे राहत नहीं मिली है. अब कांड की ट्रायल से उनकी मुश्किलें बढ़ी हुई हैं.

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Author: SATISH KUMAR

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